राजस्थान: की राजधानी जयपुर में रमजान के पवित्र महीने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। शुक्रवार दोपहर जुम्मे की नमाज के बाद जयपुर की फिरदौस मस्जिद में अचानक दीवार गिरने से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में कम से कम 21 लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दीवार गिरते समय इतनी तेज आवाज आई कि लोगों को लगा जैसे भूकंप आ गया हो या कोई बड़ा धमाका हो गया हो।
घटना शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है। उस समय मस्जिद में रमजान के तीसरे जुम्मे की नमाज अदा की जा रही थी। नमाज खत्म होने के बाद लोग बाहर निकलने लगे थे और कई नमाजी अपने जूते-चप्पल पहन रहे थे। इसी दौरान अचानक मस्जिद की पहली मंजिल की बालकनी पर बनी दीवार भरभराकर नीचे गिर गई।
मस्जिद में मौजूद लोगों के अनुसार दीवार गिरते ही जोरदार धमाके की आवाज आई। कुछ लोगों को लगा कि शायद कोई ब्लास्ट हो गया है, जबकि कई लोगों को लगा कि भूकंप के झटके आए हैं।
हादसे के दौरान मौजूद मोहम्मद शकील ने बताया कि उनकी मस्जिद से थोड़ी दूरी पर मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान है। वह नमाज पढ़ने के बाद बाहर निकल रहे थे। उन्होंने बताया कि जहां दीवार गिरी, वहां से वह कुछ ही सेकेंड पहले अपनी चप्पल पहनकर निकले थे।
शकील ने कहा कि वह दीवार गिरने से एक मिनट पहले ही उस जगह से निकले थे। जैसे ही वह बाहर आए, तुरंत बाद तेज आवाज के साथ दीवार नीचे गिर गई। उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो कई लोग मलबे के नीचे दबे हुए थे।
हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों ने मलबे में दबे नमाजियों को निकालने की कोशिश शुरू कर दी। स्थानीय लोगों और नमाजियों ने मिलकर घायलों को बाहर निकाला और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उस समय मस्जिद में भारी भीड़ थी। रमजान के कारण जुम्मे की नमाज में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने में राह चलते लोगों ने भी मदद की। टैक्सी ड्राइवर, बाइक सवार और आसपास के दुकानदार भी घायलों को अस्पताल ले जाने में जुट गए।
हादसे में बाल-बाल बचे हसीन खान ने बताया कि जब यह घटना हुई, उस समय मस्जिद में दुआ मांगी जा रही थी। कुछ लोग नमाज पढ़कर बाहर निकल चुके थे, जबकि कई लोग जूते-चप्पल पहन रहे थे।
हसीन खान ने बताया कि वह अपनी चप्पल पहनकर करीब 10 से 12 कदम ही आगे बढ़े थे कि अचानक जोरदार धमाके की आवाज आई। उन्होंने कहा कि उस समय ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो।
उन्होंने बताया कि जब पीछे मुड़कर देखा तो दीवार गिर चुकी थी और कई लोग मलबे में दबे हुए थे। उन्होंने कहा कि उनके बचने में सिर्फ कुछ कदमों का ही अंतर रहा।
हादसे में घायल हुए मोहम्मद शमशेर ने बताया कि जब दीवार गिरी तो उन्हें लगा कि जैसे कयामत आ गई हो। उन्होंने बताया कि दुआ मांगने के बाद वह मस्जिद से बाहर निकल रहे थे, तभी अचानक दीवार गिर गई।
इस हादसे में शमशेर का पैर टूट गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार मस्जिद के वजूखाने के ऊपर बनी बिल्डिंग की बाहरी दीवार अचानक गिर गई। यह दीवार करीब 100 फीट लंबी और लगभग तीन फीट ऊंची बताई जा रही है।
दीवार गिरते ही नीचे मौजूद नमाजी मलबे में दब गए। कुछ लोग ऊपर से गिरते मलबे के कारण नीचे भी गिर पड़े।
हादसे के समय मस्जिद में करीब पांच से छह हजार नमाजी मौजूद थे। रमजान के कारण जुम्मे की नमाज में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ थी।
पुलिस का मानना है कि इतनी भारी भीड़ के कारण बिल्डिंग पर दबाव पड़ा और दीवार गिर गई। हालांकि अभी मामले की जांच की जा रही है।
इस हादसे के बाद मस्जिद की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस का कहना है कि मस्जिद कमेटी द्वारा सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया।
हालांकि अभी तक इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। प्रशासन का कहना है कि आगे से इस तरह की घटना न हो, इसके लिए उचित इंतजाम किए जाएंगे।
जयपुर की फिरदौस मस्जिद में हुआ यह हादसा रमजान के पवित्र महीने में एक बड़ा झटका साबित हुआ। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसा मुख्य नमाज के दौरान नहीं हुआ, वरना बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था। फिलहाल प्रशासन और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं और मस्जिद में सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने की बात कही जा रही है।
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