Nagaur Explosive Case: ने राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। गणतंत्र दिवस से ठीक एक दिन पहले नागौर जिले में करीब 10 टन अवैध विस्फोटक की बरामदगी के बाद अब इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) करेगी। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए की टीम सोमवार शाम अजमेर पहुंच चुकी है और जल्द ही आरोपी सुलेमान खान से इस पूरे नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जाएगी।
यह मामला इसलिए भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक का इस्तेमाल किसी बड़े आतंकी या राष्ट्रविरोधी साजिश में भी किया जा सकता था।
जानकारी के अनुसार, जिस घर से विस्फोटक बरामद किया गया है, वह चारों ओर से पहाड़ियों, जंगल, झाड़ियों और खेतों से घिरा हुआ है। इस घर तक पहुंचने का सिर्फ एक ही रास्ता है, जिसे—
ऊंची-ऊंची दीवारों
तारों की घेराबंदी
और एक बड़े लोहे के गेट
से पूरी तरह सुरक्षित किया गया था। यह जगह किसी आम घर से ज्यादा किले जैसी संरचना प्रतीत होती है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इतनी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जानबूझकर बनाई गई थी, ताकि किसी को अंदर झांकने का शक न हो।
रविवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए यहां से—
9,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट
9 कार्टन डेटोनेटर
12 कार्टन फ्यूज वायर
15 बंडल अन्य विस्फोटक सामग्री
बरामद की है। यह विस्फोटक इतना ज्यादा है कि इससे पूरे इलाके को दहलाया जा सकता था।
सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से यह जांच कर रही हैं कि आखिर इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक यहां क्यों जमा किया गया था।
Nagaur Explosive Case इसलिए भी ज्यादा गंभीर हो गया है क्योंकि यह बरामदगी गणतंत्र दिवस से ठीक पहले हुई। इस कारण से केंद्रीय एजेंसियां इसे केवल अवैध खनन का मामला मानकर छोड़ने के मूड में नहीं हैं।
सूत्रों के मुताबिक, यही अमोनियम नाइट्रेट पिछले साल 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए हादसे में भी इस्तेमाल किया गया था। इसी कड़ी को जोड़ते हुए NIA अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि—
क्या विस्फोटक किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा है?
कहीं इसके तार आतंकी संगठनों से तो नहीं जुड़े?
सप्लाई कहां-कहां होनी थी?
सूत्रों के अनुसार, एनआईए की टीम जल्द ही आरोपी सुलेमान खान से औपचारिक पूछताछ करेगी। हालांकि, पुलिस हिरासत के दौरान सुलेमान की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल वह पुलिस रिमांड पर है और चार दिन की रिमांड में उससे पूछताछ जारी है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि—
आरोपी सुलेमान खान की उम्र करीब 58 साल है
उसके खिलाफ पहले से तीन आपराधिक केस दर्ज हैं
वह पहले बलवंत नामक व्यक्ति के साथ खनन का काम करता था
लाइसेंस निलंबित होने के बाद वह अवैध खनन और विस्फोटक सप्लाई में लिप्त हो गया
पुलिस का दावा है कि शुरुआती तौर पर यह विस्फोटक अवैध खनन में सप्लाई के लिए रखा गया था, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा होने के कारण अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।
Nagaur Explosive Case में अब—
स्थानीय पुलिस
ATS
CID-Intelligence
और NIA
सभी मिलकर जांच कर रही हैं। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं यह विस्फोटक राजस्थान के बाहर सप्लाई करने की योजना तो नहीं थी।
Nagaur Explosive Case सिर्फ अवैध खनन तक सीमित मामला नहीं रह गया है। गणतंत्र दिवस से पहले इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। अब एनआईए की एंट्री के बाद यह तय माना जा रहा है कि इस केस में आने वाले दिनों में बड़े खुलासे और नए नाम सामने आ सकते हैं। यह कार्रवाई संभावित बड़े खतरे को समय रहते टालने में अहम साबित हुई है।
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