अलवर। अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र स्थित ओडेला खनन क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चौथे दिन भी जारी है, लेकिन अब तक पोकलेन मशीन ऑपरेटर का कोई सुराग नहीं लग पाया है। 100 फीट गहरी पानी से भरी खाई में गिरे ऑपरेटर की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
हादसा शुक्रवार शाम उस समय हुआ, जब असुरक्षित खनन लीज पर काम के दौरान अचानक पहाड़ दरक गया। इसके चलते पोकलेन मशीन सहित उसे चला रहा ऑपरेटर रामानंद तिवारी सीधे पानी से भरी गहरी खाई में समा गया।
हादसे के बाद से ही रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। खाई में भारी मात्रा में पानी भरा होने और गहराई अधिक होने के कारण तलाशी अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। पहले एसडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला, लेकिन सफलता न मिलने पर अजमेर से एनडीआरएफ की विशेष टीम को बुलाया गया।
एनडीआरएफ की टीम आधुनिक उपकरणों की मदद से गहरे पानी में सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अब तक पोकलेन ऑपरेटर का कोई पता नहीं चल सका है।
इस हादसे के बाद खनन लीज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर खनन कार्य चल रहा था, वह लीज असुरक्षित थी। पहाड़ के कमजोर हिस्से में मशीन चलाए जाने के कारण यह बड़ा हादसा हुआ।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश और चिंता देखी गई। लोग प्रशासन से पोकलेन ऑपरेटर को जल्द से जल्द खोजने और खनन माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि जब तक ऑपरेटर का पता नहीं चल जाता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा। गोताखोरों और विशेष उपकरणों की मदद से पानी की गहराई में लगातार तलाशी ली जा रही है।
रामगढ़ के ओडेला खनन क्षेत्र में हुआ यह हादसा न केवल एक व्यक्ति की जान का सवाल बन गया है, बल्कि असुरक्षित खनन व्यवस्था की भयावह तस्वीर भी सामने ला रहा है। चौथे दिन भी पोकलेन ऑपरेटर का पता न चल पाना चिंता का विषय है। अब सभी की नजरें रेस्क्यू टीमों की अगली कार्रवाई और प्रशासन के फैसलों पर टिकी हैं।
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