ब्राजील: के राष्ट्रपति Luiz Inacio Lula da Silva का शनिवार सुबह राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu और प्रधानमंत्री Narendra Modi मौजूद रहे।
लूला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं और आज उनकी प्रधानमंत्री मोदी के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक होनी है। इस मुलाकात को भारत-ब्राजील संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन में दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने अपने-अपने मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडल से एक-दूसरे का परिचय कराया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद रहे।
यह औपचारिक स्वागत समारोह भारत-ब्राजील की मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है।
एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में लूला दा सिल्वा ने कहा कि भारत और ब्राजील के बीच मौजूदा व्यापार लगभग 15 अरब डॉलर का है, जिसे 30 से 40 अरब डॉलर तक बढ़ाया जाना चाहिए।
वे अपने साथ 260 ब्राजीलियाई व्यवसायियों का प्रतिनिधिमंडल लेकर आए हैं। इनका फोकस अंतरिक्ष, रक्षा, फार्मा, कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश और सहयोग बढ़ाने पर है।
ब्राजील की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी Embraer भारत में उत्पादन इकाई स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।
यह कदम भारत की ‘मेक इन इंडिया’ पहल और रक्षा-उद्योग आत्मनिर्भरता को मजबूती दे सकता है।
आज की बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
ब्राजील दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेयर अर्थ रिजर्व रखने वाला देश है, जिसके पास लगभग 21 मिलियन मीट्रिक टन का विशाल भंडार है।
यह समझौता ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन पर निर्भरता कम करने, ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को गति देने और विकासशील देशों की साझेदारी मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के बीच बैठक में निम्न क्षेत्रों पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है:
रक्षा उत्पादन और तकनीकी साझेदारी
स्वच्छ ऊर्जा और जैव ईंधन
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
कृषि अनुसंधान
डिजिटल भुगतान और फिनटेक सहयोग
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई दे सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद राष्ट्रपति लूला 22 फरवरी को दक्षिण कोरिया की यात्रा पर रवाना होंगे।
भारत दौरे के दौरान वे व्यापारिक और कूटनीतिक स्तर पर कई अहम बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं।
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा का भारत दौरा केवल एक औपचारिक राजकीय यात्रा नहीं, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यदि व्यापार को 40 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य और क्रिटिकल मिनरल्स पर समझौता साकार होता है, तो यह भारत-ब्राजील संबंधों में ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है।
अब सबकी नजरें प्रधानमंत्री मोदी और लूला दा सिल्वा की द्विपक्षीय बैठक से निकलने वाले ठोस फैसलों पर टिकी हैं।
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