लखनऊ। लोक गायिका और सोशल मीडिया पर सक्रिय नेहा सिंह राठौर शनिवार रात करीब 9 बजे अपने पति हिमांशु के साथ लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली बयान दर्ज कराने पहुंचीं। हालांकि, रात का समय होने का हवाला देते हुए पुलिस ने उनका बयान दर्ज नहीं किया और उन्हें वापस लौटा दिया।
कोतवाली परिसर में नेहा सिंह राठौर करीब दो घंटे तक मौजूद रहीं, लेकिन बिना बयान लिए ही उन्हें लौटना पड़ा। घर जाते समय नेहा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस ने उन्हें बताया है कि रात के समय किसी महिला का बयान दर्ज नहीं किया जा सकता। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि उन्हें दोबारा नोटिस भेजकर बुलाया जाएगा, जिस पर वे बयान दर्ज कराने पहुंचेंगी।
इससे पहले सोशल मीडिया पर यह खबर भी सामने आई थी कि नेहा सिंह राठौर को हिरासत में ले लिया गया है, हालांकि बाद में यह स्पष्ट हुआ कि उन्हें केवल बयान न दर्ज होने के कारण लौटाया गया था।
नेहा सिंह राठौर पहलगाम आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट और गीत ‘चौकीदरवा कायर बा…’ को लेकर विवादों में हैं। इस गीत और पोस्ट के बाद वाराणसी और लखनऊ में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थीं।
हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने करीब 15 दिन पहले उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा था। उस समय नेहा ने तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए पेश होने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद शुक्रवार को उन्हें दोबारा नोटिस भेजा गया, जिसके अनुपालन में वे शनिवार रात कोतवाली पहुंचीं।
नेहा सिंह राठौर ने बताया कि बयान दर्ज कराने जाने से पहले उन्होंने अपने वकील से सलाह ली थी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 4 मई 2025 को वह सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से मुलाकात कर चुकी हैं। इस मुलाकात की तस्वीरें उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की थीं।
उसी दिन उनकी एक तस्वीर कपिल सिब्बल और लखनऊ के एक सांध्य दैनिक समाचार पत्र के संपादक के साथ भी वायरल हुई थी।
इस पूरे घटनाक्रम पर हाईकोर्ट के अधिवक्ता मोहित शर्मा ने कहा कि नेहा सिंह राठौर एक चर्चित चेहरा हैं और उन्हें यह जानकारी रही होगी कि शाम ढलने के बाद किसी महिला को न तो हिरासत में लिया जा सकता है और न ही उसका बयान दर्ज किया जाता है। उनके अनुसार, वकीलों से सलाह लेकर रात करीब 9 बजे कोतवाली पहुंचना एक सोची-समझी कानूनी रणनीति भी हो सकती है।
पुलिस के अनुसार, 12 मई को नेहा सिंह राठौर के गीत ‘चौकीदरवा कायर बा… बेटियां किसानन खातिर बनल जनरल डायर बा…’ को लेकर विवाद खड़ा हुआ। आरोप लगाया गया कि इस गीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना जनरल डायर से की गई है।
इसके बाद 20 मई को हिंदू संगठनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने वाराणसी कमिश्नरेट के तीन जोनों के 15 थानों में नेहा सिंह राठौर के खिलाफ 500 से अधिक शिकायतें दर्ज कराईं। अकेले लंका थाने में 318 शिकायतें दी गईं।
इन शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए नेहा सिंह राठौर ने कहा था कि वह सरकार से सवाल पूछ रही हैं और जवाब देने के बजाय उनके खिलाफ शिकायतें कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा था—
“400 शिकायतें नहीं, 4 लाख FIR करा दीजिए, मैं डरने वाली नहीं हूं।”
22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किए थे। इन्हीं पोस्टों को लेकर अभय प्रताप सिंह ने हजरतगंज कोतवाली में FIR दर्ज कराई थी। आरोप है कि इन पोस्टों से दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने और देश की अखंडता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता का दावा है कि नेहा की पोस्ट पाकिस्तान में व्यापक रूप से साझा की गईं और पड़ोसी देश के मीडिया ने भारत की आलोचना के लिए उनका इस्तेमाल किया, जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंचा।
मामला दर्ज होने के बाद नेहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए सरकार से पहलगाम हमले को लेकर सवाल पूछे थे।
नेहा सिंह राठौर का मामला अब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, कानून व्यवस्था और सोशल मीडिया की सीमाओं से जुड़ी एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है। फिलहाल पुलिस उनके बयान के लिए नया नोटिस जारी करने की तैयारी में है। आगे की कार्रवाई उनके बयान और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी, जिस पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों की नजर बनी हुई है।
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