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हाईकोर्ट में आज नहीं होगी कई अहम सुनवाई! वकीलों की हड़ताल से SI भर्ती मामला भी अटका

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में आज न्यायिक कार्य बुरी तरह प्रभावित रहने वाला है। हर महीने दो शनिवार कोर्ट लगाने और ईवनिंग कोर्ट शुरू करने के फैसले के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट के वकीलों ने कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है। नए वर्ष 2026 के पहले ही कार्यदिवस पर जयपुर और जोधपुर—दोनों पीठों में वकील अदालत के कामकाज से दूर रहेंगे।

इस हड़ताल के चलते कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई टलने की आशंका है। इनमें SI भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामला भी शामिल है, जिसकी आज सुनवाई प्रस्तावित थी।


“वकीलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा”

अधिवक्ताओं का कहना है कि हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय बार से बिना किसी पूर्व परामर्श के किया गया है। शनिवार को नियमित कोर्ट और ईवनिंग कोर्ट चलाने से—

  • अधिवक्ताओं

  • पक्षकारों

  • न्यायिक कर्मचारियों

सभी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

वकीलों का तर्क है कि ईवनिंग कोर्ट लागू करने के लिए फिलहाल आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं है, जिससे व्यवस्था व्यावहारिक नहीं बनती।


लंबे अवकाश के बाद आज खुलनी थी कोर्ट

लंबे शीतकालीन अवकाश के बाद सोमवार से हाईकोर्ट की नियमित कार्यवाही शुरू होनी थी, लेकिन अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो गई है। कई केसों की तारीख आगे बढ़ने की संभावना है।


बार एसोसिएशन का आरोप—कोई संवाद नहीं

राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर के
अध्यक्ष राजीव सोगरवाल और
महासचिव दीपेश शर्मा

ने बताया कि—

  • 19 दिसंबर 2025 को इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट प्रशासन को विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा गया था

  • अब तक उस पर कोई निर्णय नहीं हुआ

  • बार से कोई औपचारिक संवाद भी नहीं किया गया


“ईवनिंग कोर्ट व्यावहारिक नहीं”

बार एसोसिएशन का कहना है कि—

  • अधिवक्ताओं की सुरक्षा

  • परिवहन व्यवस्था

  • न्यायिक प्रभावशीलता

  • कोर्ट स्टाफ की कार्यक्षमता

जैसे मुद्दों पर गंभीर असर पड़ेगा। पर्याप्त तैयारी और संसाधनों के बिना ईवनिंग कोर्ट लागू करना न्याय प्रणाली के लिए नई चुनौतियां पैदा करेगा।


शांतिपूर्ण रहेगा कार्य बहिष्कार

वकीलों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य बहिष्कार पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक होगा। इसका उद्देश्य केवल हाईकोर्ट प्रशासन का ध्यान अधिवक्ताओं की वास्तविक समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।


पहले भी हो चुका है विरोध

इससे पहले 3 जनवरी को जोधपुर हाईकोर्ट में भी अधिवक्ताओं ने इसी मुद्दे को लेकर विरोध दर्ज कराया था। ऐसे में नए साल की शुरुआत में ही राजस्थान हाईकोर्ट की दोनों पीठों में न्यायिक कार्य प्रभावित रहेगा।


निष्कर्ष:

राजस्थान हाईकोर्ट में ईवनिंग कोर्ट और शनिवार को कार्यदिवस बनाने का फैसला फिलहाल विवाद का विषय बन गया है। वकीलों की हड़ताल से न केवल आम पक्षकारों को परेशानी होगी, बल्कि कई संवेदनशील मामलों की सुनवाई भी टल सकती है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि हाईकोर्ट प्रशासन बार की आपत्तियों पर कब और क्या निर्णय लेता है।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

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