देश: में स्लीपर बसों में लगातार हो रही भयावह आगजनी की घटनाओं के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। गडकरी ने स्पष्ट किया है कि अब स्लीपर बसों का निर्माण केवल ऑटोमोबाइल कंपनियां या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान ही कर सकेंगे। इसके साथ ही, पहले से चल रही सभी स्लीपर बसों को नए सुरक्षा मानकों के अनुसार अपग्रेड करना अनिवार्य होगा।
गडकरी ने कहा कि पिछले छह महीनों में स्लीपर कोच बसों में आग लगने की छह बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें 145 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इनमें सबसे भयावह हादसा 14 और 15 अक्टूबर 2025 को राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर हुआ, जहां चलती एसी स्लीपर बस में आग लगने से 20 यात्री जिंदा जल गए।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अब सड़क पर चल रही सभी स्लीपर बसों में निम्न सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से लगाने होंगे—
फायर डिटेक्शन और अलार्म सिस्टम
आपातकालीन निकास द्वार और इमरजेंसी हैमर
इमरजेंसी लाइटिंग सिस्टम
ड्राइवर ड्रोजीनेस इंडिकेटर (नींद आने की चेतावनी प्रणाली)
इन उपायों का उद्देश्य हादसों के दौरान यात्रियों को समय पर बाहर निकलने का मौका देना और आग लगने की स्थिति में तुरंत चेतावनी सुनिश्चित करना है।
गडकरी ने बताया कि बस बॉडी कोड AIS-052 अब देश में बनने वाली सभी बसों के लिए अनिवार्य मानक है। यह कोड बस की संरचना, डिजाइन, सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़े नियम तय करता है।
उन्होंने कहा कि यह मानक पहले से असंगठित रहे बस बॉडी-बिल्डिंग सेक्टर को नियंत्रित करने, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और पूरे देश में बस निर्माण में एकरूपता लाने के लिए लागू किया गया है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 1 सितंबर 2025 से संशोधित बस बॉडी कोड लागू कर दिया है, ताकि सड़क परिवहन सुरक्षा को और सख्त किया जा सके। इसके तहत गैर-मान्यता प्राप्त बॉडी बिल्डरों द्वारा स्लीपर बसों के निर्माण पर रोक लगेगी।
AIS-052 एक Automotive Industry Standard है, जिसे ARAI (Automotive Research Association of India) ने Central Motor Vehicles Rules (CMVR) के तहत तैयार किया है। यह बसों के बॉडी डिजाइन और अप्रूवल के लिए कोड ऑफ प्रैक्टिस है, जिसे बस निर्माता, बॉडी बिल्डर और परिवहन विभागों को अनिवार्य रूप से अपनाना होता है।
18 दिसंबर 2025: देहरादून में 40 छात्रों से भरी बस में आग
16 दिसंबर 2025: मथुरा यमुना एक्सप्रेसवे पर बसों की टक्कर, 13 जिंदा जले
28 अक्टूबर 2025: जयपुर में हाईटेंशन लाइन से बस में आग, 2 मौत
24 अक्टूबर 2025: आंध्र प्रदेश के कुर्नूल में चलती बस में आग, 20 मौत
14 अक्टूबर 2025: जैसलमेर में एसी स्लीपर बस में आग, 20 यात्रियों की मौत
स्लीपर बसों में बढ़ते जानलेवा हादसों के बाद केंद्र सरकार का यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। अब सख्त मानकों, आधुनिक तकनीक और नियंत्रित निर्माण प्रक्रिया के जरिए स्लीपर बस यात्राओं को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। यह निर्णय भविष्य में ऐसे हादसों पर प्रभावी रोक लगाने में निर्णायक साबित हो सकता है।
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