राजस्थान: के Dausa जिले में रविवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। यहां Banganga River में डूबने से भाई-बहन समेत तीन बच्चों की मौत हो गई। तीनों बच्चे नदी के किनारे मवेशी चराने गए थे, जहां अचानक हुए हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया।
बताया जा रहा है कि नदी में जगह-जगह बरसाती पानी भरा हुआ था। इसी दौरान एक बच्ची का पैर फिसल गया और वह गहरे गड्ढे में गिर गई। उसे बचाने के लिए पहले उसका भाई और फिर उनका एक दोस्त पानी में कूद गया। लेकिन दुर्भाग्यवश तीनों ही बच्चे पानी में डूब गए।
घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद तीनों के शव नदी से बाहर निकाले गए। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यह दर्दनाक घटना Saithal थाना क्षेत्र के Bapi village के पास बाणगंगा नदी में दोपहर करीब 2:45 बजे हुई।
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान जसोता गांव निवासी पायल जायसवाल (13), श्यामसुंदर (15) और अमित मीणा (11) के रूप में हुई है।
पायल और श्यामसुंदर आपस में भाई-बहन थे, जबकि अमित उनका दोस्त था। तीनों एक साथ नदी के पास मवेशी चराने गए थे।
घटना के बारे में Ravindra Choudhary ने बताया कि चार बच्चे मवेशी चराने के लिए नदी के किनारे गए थे।
इस दौरान पायल का पैर अचानक फिसल गया और वह नदी के एक गहरे गड्ढे में गिर गई।
बहन को डूबता देख उसका भाई श्यामसुंदर तुरंत उसे बचाने के लिए पानी में कूद गया। लेकिन गड्ढा काफी गहरा था और दोनों ही पानी में संघर्ष करने लगे।
जब अमित मीणा ने अपने दोनों दोस्तों को पानी में डूबते देखा तो वह भी उन्हें बचाने के लिए गड्ढे में कूद गया।
लेकिन गहराई और पानी के कारण तीनों बच्चे बाहर नहीं निकल सके और देखते ही देखते तीनों डूब गए।
घटना के समय बच्चों के साथ मौजूद कोमल मीणा ने जब तीनों को डूबते देखा तो वह घबरा गई।
वह तुरंत गांव की ओर दौड़ी और परिजनों तथा ग्रामीणों को सूचना दी।
लेकिन जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और तीनों बच्चे पानी में डूब चुके थे।
ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर करीब डेढ़ घंटे तक तलाशी अभियान चलाया।
काफी प्रयास के बाद तीनों बच्चों के शव नदी के गड्ढे से बाहर निकाले गए।
उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों के अनुसार हादसे के समय अमित के माता-पिता नदी से लगभग 200 मीटर दूर खेत में गेहूं की कटाई कर रहे थे।
वहीं पायल और श्यामसुंदर के माता-पिता मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे।
जब उन्हें इस दुखद घटना की सूचना मिली तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। अपने बच्चों की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।
घटना की खबर पूरे इलाके में तेजी से फैल गई। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी के किनारे पहुंच गए।
सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
इस दौरान तहसीलदार Gajanand Meena, थाना प्रभारी रविंद्र चौधरी और पुलिस की टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया।
पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में इसे हादसा माना जा रहा है। हालांकि पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।
दौसा की बाणगंगा नदी में हुई यह घटना बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली है। एक बहन को बचाने की कोशिश में भाई और उसका दोस्त भी अपनी जान गंवा बैठे।
इस हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है और एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नदी और तालाबों के आसपास बच्चों की सुरक्षा के लिए अधिक सतर्कता जरूरी है।
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