Khatu Shyam Bhakt Bheed: ने इस बार सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। गणतंत्र दिवस के मौके पर विश्व प्रसिद्ध बाबा खाटूश्याम जी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि रींगस रेलवे स्टेशन से लेकर खाटूश्याम धाम तक हर रास्ता जाम नजर आया। स्थिति यह रही कि रींगस रेलवे स्टेशन पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची।
शुक्रवार को बसंत पंचमी, उसके बाद शनिवार-रविवार का वीकेंड और फिर सोमवार को 26 जनवरी गणतंत्र दिवस—इन लगातार छुट्टियों के कारण श्रद्धालुओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती गई। शुक्रवार से शुरू हुआ भक्तों का रेला सोमवार को चरम पर पहुंच गया।
जानकारी के अनुसार, गणतंत्र दिवस के दिन अकेले 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा खाटूश्याम जी के दर्शन किए। राजस्थान ही नहीं, बल्कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में भक्त खाटूधाम पहुंचे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का सबसे ज्यादा असर रींगस रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और बाहर की सड़कों तक भक्तों की कतारें लगी रहीं।
Khatu Shyam Bhakt Bheed का असर यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखा। रविवार और सोमवार को—
रींगस से खाटू तक जगह-जगह लंबा जाम
NH-52 पर वाहनों की लंबी कतारें
शहर की अंदरूनी सड़कों पर भी यातायात ठप
कई जगह एम्बुलेंस तक जाम में फंस गईं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई। सीमित स्टाफ के कारण पुलिस और प्रशासन को हालात संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
जहां एक ओर आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं Khatu Shyam Bhakt Bheed का सीधा असर रेलवे के राजस्व पर भी दिखा।
रींगस रेलवे स्टेशन अधीक्षक बाबूलाल बाजिया के अनुसार—
रविवार को 13 लाख रुपये से अधिक के टिकट बिके
ऑनलाइन टिकट जोड़ने पर यह आंकड़ा 30% तक बढ़ गया
प्रतिदिन का कुल राजस्व 15–16 लाख रुपये तक पहुंच गया
यह रींगस जंक्शन के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है। राजस्व के मामले में इस समय रींगस रेलवे स्टेशन राजस्थान में जयपुर के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
यात्रियों की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने रींगस से दिल्ली के लिए एक अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन भी चलाई। इससे दिल्ली और आसपास के इलाकों की ओर लौटने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी Khatu Shyam Bhakt Bheed इसी तरह बनी रहती है, तो और अतिरिक्त ट्रेनों पर भी विचार किया जाएगा।
श्याम भक्तों की एक विशेष परंपरा है—
रींगस से खाटूधाम तक 17 किलोमीटर की पैदल यात्रा
मंदिर परिसर में करीब 5 किलोमीटर की परिक्रमा
लंबी दूरी तय करने के बाद श्रद्धालु थकान मिटाने के लिए रींगस स्टेशन पर ही विश्राम करते हैं। फिलहाल स्टेशन परिसर में बना यात्री विश्राम शेल्टर पूरी तरह भर चुका है।
श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जानकारी के अनुसार—
5,000 यात्रियों की क्षमता वाला नया बड़ा शेल्टर तैयार किया जा रहा है
इससे आने वाले दिनों में Khatu Shyam Bhakt Bheed के दौरान यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी
Khatu Shyam Bhakt Bheed ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बाबा खाटूश्याम जी के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हालांकि, इतनी बड़ी भीड़ के चलते यातायात और व्यवस्थाओं पर दबाव जरूर बढ़ा, लेकिन प्रशासन और रेलवे की ओर से किए गए प्रयासों ने हालात को संभालने में अहम भूमिका निभाई। आने वाले समय में यदि व्यवस्थाएं और मजबूत की जाती हैं, तो श्रद्धालुओं की यह आस्था और भी सुगम बन सकेगी।
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