Rajasthan News: में गणतंत्र दिवस के मौके पर सियासी पारा उस समय चढ़ गया, जब राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शंकराचार्य विवाद को लेकर सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन धर्म की बात करते हैं, वही आज सनातन के सबसे बड़े पद—शंकराचार्य—को भी नहीं मान रहे हैं। यह केवल धार्मिक नहीं, बल्कि वैचारिक पाखंड का विषय है।
टीकाराम जूली ने राजस्थान विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान संविधान, धर्म, रोजगार, किसानों, अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
टीकाराम जूली ने कहा—
“जो लोग धर्म के नाम पर सत्ता में आए हैं, वे आज उन शंकराचार्यों को भी नहीं छोड़ रहे, जो सनातन परंपरा के सर्वोच्च प्रतिनिधि हैं। सनातन की बात करने वाले आज सनातन के पदों का सम्मान नहीं कर रहे।”
उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों को पूजा-पाठ और आस्था की रक्षा करनी थी, वे आज खुलकर राजनीति कर रहे हैं और धर्म को सत्ता का हथियार बना चुके हैं।
Rajasthan News के इस राजनीतिक घटनाक्रम में जूली ने संविधान को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा—
“दुनिया का सबसे महान गणतंत्र हमारा है, जिसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने जिस कठिन परिस्थिति में संविधान बनाया, उसी संविधान ने देश को आगे बढ़ाया।”
उन्होंने कहा कि एक समय देश में सुई तक नहीं बनती थी और आज भारत विश्व स्तर पर खड़ा है, लेकिन अब संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं।
टीकाराम जूली ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा—
अमेरिका भारत पर टैरिफ थोप रहा है
ऑपरेशन सिंदूर के समय किसी भी देश ने भारत का खुलकर साथ नहीं दिया
सरकार गरीब तबके पर डाका डालने का प्रयास कर रही है
उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल सिक्योरिटी की योजनाएं बंद की जा रही हैं, जिससे आम आदमी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
जूली ने चुनावी वादों को याद दिलाते हुए कहा—
“हर साल दो करोड़ रोजगार देने की बात करने वाले, किसान की आय दोगुनी करने और डॉलर के बराबर रुपया करने वाले लोग आज कहीं नजर नहीं आते।”
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, किसान परेशान हैं और महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।
Rajasthan News में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी गणतंत्र दिवस के मौके पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा—
“मोदी जी के सत्ता में आने के बाद से ही संविधान को बदलने की कोशिश की जा रही है। हम संकल्प लेते हैं कि इस संविधान को बदलने नहीं देंगे।”
डोटासरा ने आरोप लगाया कि—
वोट के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है
एसआईआर अभियान के जरिए मताधिकार खत्म करने की कोशिश हो रही है
स्वायत्त शासी संस्थाओं पर केंद्र सरकार का कब्जा हो गया है
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की आत्मा को कमजोर करने का प्रयास देश के भविष्य के लिए खतरनाक है।
शंकराचार्य विवाद को लेकर दिए गए इन बयानों के बाद राजस्थान की राजनीति में सियासी टकराव और तेज हो गया है। एक तरफ कांग्रेस संविधान और सनातन परंपरा की दुहाई दे रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पर धर्म और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया जा रहा है।
Rajasthan News के इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि शंकराचार्य विवाद अब सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों से संकेत मिलते हैं कि आने वाले दिनों में संविधान, धर्म और लोकतंत्र को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज होगा। गणतंत्र दिवस के मौके पर उठे ये सवाल आने वाले चुनावी माहौल को भी प्रभावित कर सकते हैं।
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