जयपुर: राजस्थान सरकार ने बजट 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता देते हुए राज्य के सड़क, पुल और जल परियोजनाओं पर ऐतिहासिक निवेश का ऐलान किया है। उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट भाषण में कहा कि प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 3427 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।
उन्होंने बताया कि सरकार का फोकस साफ है – सुरक्षित सड़कें, बेहतर हाईवे, हर घर तक पानी और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में समान सुविधा।
बजट में सड़क विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए गए हैं:
कुल सड़क विकास:
राज्य में कुल 42,000 किलोमीटर सड़कों का विकास किया जाएगा, जिसमें 16,430 किलोमीटर नई सड़कें भी शामिल हैं। यह निवेश शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने में मदद करेगा और परिवहन की गति बढ़ाएगा।
ब्रिज और सड़क निर्माण:
नए ब्रिज और सड़कें बनाने के लिए 1800 करोड़ रुपये का प्रावधान।
नॉन-पैचेबल सड़कों के निर्माण के लिए 1400 करोड़ रुपये।
मिसिंग लिंक सड़कों को जोड़ने के लिए 600 करोड़ रुपये।
बारिश से खराब हुई सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट।
इससे न केवल लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी, बल्कि वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में माल ढुलाई और कनेक्टिविटी भी सुधरेगी।
रेलवे ओवरब्रिज:
राजस्थान में 15 नए रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। ये ओवरब्रिज शहरों में यातायात की भीड़ कम करेंगे और ट्रेनों और सड़क वाहनों के बीच सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
बजट में यह भी घोषणा की गई कि राजस्थान में 2,000 नए कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक निगरानी और कानून व्यवस्था में सुधार होगा।
सभी संभाग मुख्यालयों में सिग्नल फ्री रोड्स का निर्माण।
एआई और डिजिटल तकनीक के माध्यम से ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को स्मार्ट बनाया जाएगा।
शहरों और प्रमुख नगरों में स्ट्रीट लाइट परियोजनाओं को बढ़ाया जाएगा, जिससे रात में सुरक्षा और विज़िबिलिटी बढ़ेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर का दूसरा बड़ा फोकस पेयजल और जल संरक्षण पर है।
हर घर तक नल कनेक्शन: 6500 गांवों को हर घर नल से जोड़ने की योजना।
नए ट्यूबवेल: गर्मी के समय पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 600 ट्यूबवेल लगाए जाएंगे।
शहरों में जल आपूर्ति के लिए 2300 करोड़ रुपये का प्रावधान।
24 घंटे पानी योजना: देशनोक और अन्य क्षेत्रों में लगातार पानी उपलब्ध कराने के लिए 750 करोड़ का निवेश।
बिसलपुर योजना विस्तार: 1092 गांवों में पानी पहुंचाने के लिए 650 करोड़।
सरकार का उद्देश्य केवल सड़क और यातायात सुधारना नहीं है, बल्कि जल सुरक्षा और ग्रामीण विकास को भी प्राथमिकता देना है।
राजस्थान सरकार ने डिजिटलाइजेशन को भी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का हिस्सा बनाया है।
अर्बन ट्रांसपोर्ट फाइनेंस फंड के निर्माण की घोषणा।
एआई आधारित विद्युत मॉनिटरिंग से बिजली वितरण को स्मार्ट बनाया जाएगा।
स्ट्रीट लाइट और कैमरा नेटवर्क से सिटी स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर इस निवेश के कई लाभ होंगे:
रोजगार सृजन: सड़क, ब्रिज और पेयजल परियोजनाओं में हजारों स्थायी और अस्थायी रोजगार पैदा होंगे।
सुरक्षित और तेज़ परिवहन: नॉन-पैचेबल सड़कों और ओवरब्रिज से सड़क दुर्घटनाएं कम होंगी।
व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा: बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन क्षेत्र में तेजी आएगी।
ग्रामीण-शहरी समान विकास: सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का समान वितरण।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बजट राजस्थान की इंफ्रास्ट्रक्चर नीति को अगले दशक के लिए मजबूत आधार देगा।
राजस्थान सरकार ने इस बार सड़कों, ब्रिज, रेलवे ओवरब्रिज और स्मार्ट कैमरा नेटवर्क पर 3,427 करोड़ रुपये का निवेश किया।
बारिश से टूटी सड़कों की मरम्मत और मिसिंग लिंक जोड़ने के लिए अतिरिक्त राशि।
42,000 किलोमीटर सड़कें विकसित की जाएंगी, जिससे पूरे प्रदेश में परिवहन का ढांचा मजबूत होगा।
जल और पेयजल सुरक्षा के लिए हर घर नल कनेक्शन और नए ट्यूबवेल।
डिजिटल निगरानी और ट्रैफिक सुरक्षा के लिए 2,000 कैमरे।
राजस्थान बजट 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की धुरी बनाने का स्पष्ट संदेश दिया गया है।
सड़क, ब्रिज, रेलवे ओवरब्रिज, जल परियोजनाओं और डिजिटल निगरानी में किए गए बड़े निवेश से राज्य में सुरक्षित, तेज़ और स्मार्ट परिवहन सुनिश्चित होगा।
सरकार का यह कदम न केवल आर्थिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों की जीवन गुणवत्ता में भी सुधार लाएगा।
राजस्थानवासियों को अब बेहतर सड़कें, हर घर पानी, सुरक्षित हाईवे और स्मार्ट शहर जैसी सुविधाओं की उम्मीद है, जो राज्य को अगले दशक में विकसित और आत्मनिर्भर बनाएंगे।
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