राजस्थान: की राजधानी जयपुर ने 22 फरवरी 2026 को ऐसा नजारा देखा, जिसने हजारों दर्शकों के दिलों की धड़कनें तेज कर दीं। ऐतिहासिक जलमहल की पाल पर आयोजित भव्य एयर शो में भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध एरोबेटिक्स टीमों—Sarang Helicopter Display Team और Surya Kiran Aerobatic Team—ने आसमान में अद्भुत करतब दिखाए।
इस रोमांचक आयोजन में ध्रुव हेलिकॉप्टरों ने डॉल्फिन, क्रॉस और डबल क्रॉस जैसी आकृतियां बनाईं, जबकि सूर्यकिरण टीम के हॉक-132 विमानों ने तेजस, ब्रह्मोस और तिरंगा फॉर्मेशन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
एयर शो की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुई। हजारों लोग जलमहल की पाल पर एकत्रित थे और राष्ट्रगीत के सम्मान में खड़े रहे। माहौल देशभक्ति से सराबोर था।
कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी उपस्थित रहे।
नाहरगढ़ बेस से सारंग टीम के पांच ध्रुव हेलिकॉप्टरों ने स्मोक इफेक्ट के साथ योद्धा फॉर्मेशन में एंट्री ली। यह दृश्य ऐसा लग रहा था मानो आकाश में कोई युद्ध कौशल का अभ्यास चल रहा हो।
ध्रुव हेलिकॉप्टरों ने सबसे पहले ‘आई’ फॉर्मेशन बनाई। इसके बाद क्रॉस फॉर्मेशन में एक-दूसरे के बेहद करीब से गुजरते हुए पायलटों ने अपनी सटीक टाइमिंग और साहस का प्रदर्शन किया।
चार हेलिकॉप्टरों ने डबल क्रॉस फॉर्मेशन दिखाया, जिसमें वे एक-दूसरे को बेहद कम दूरी से क्रॉस करते हुए निकले। इसके बाद तीन हेलिकॉप्टरों ने डॉल्फिन फॉर्मेशन उकेरी—आसमान में उभरती डॉल्फिन की आकृति ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
सारंग टीम ने अपनी आखिरी प्रस्तुति में पांच हेलिकॉप्टरों के साथ जयपुर को सलाम किया और फिर आसमान में तिरंगा बनाकर शो का समापन किया।
सारंग टीम के बाद मंच संभाला सूर्यकिरण एरोबेटिक्स टीम ने। नौ हॉक-132 विमानों ने एक साथ एंट्री ली। उनकी समन्वित उड़ान देखकर ऐसा प्रतीत हुआ जैसे एक ही विशाल विमान आकाश में उड़ रहा हो।
शुरुआत में विमानों ने तेजस फॉर्मेशन बनाई। यह भारतीय स्वदेशी लड़ाकू विमान की प्रेरणा से तैयार की गई आकृति थी।
इसके बाद आठ विमानों ने मिलकर ब्रह्मोस मिसाइल की आकृति उकेरी। यह दृश्य भारत की सामरिक शक्ति का प्रतीक था।
दो विमानों ने मिलकर दिल की आकृति बनाई और एक विमान ने उसमें तीर की आकृति उकेरी। यह ‘हार्ट पिचिंग’ फॉर्मेशन दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही।
अंत में नौ विमानों ने तिरंगे के रंगों की झलक पेश की। आकाश में लहराता तिरंगा देखकर लोगों ने तालियों और जयघोष से माहौल गूंजा दिया।
विमानों और हेलिकॉप्टरों ने 100 फीट से लेकर 1000 फीट की ऊंचाई तक अलग-अलग फॉर्मेशन में उड़ान भरी। पायलटों के बीच महज 50 मीटर की दूरी ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जयपुर में एयर शो होना शहर के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं में जोश और जुनून जागेगा और वे सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित होंगे।
राज्यपाल ने भी कहा कि जलमहल जैसे ऐतिहासिक स्थल पर भारतीय वायुसेना का प्रदर्शन भारत की शक्ति और साहस का प्रतीक है।
एयर शो देखने के लिए हजारों लोग पहुंचे। तीन साल का रुद्रांश अपने पिता के साथ आर्मी यूनिफॉर्म पहनकर कार्यक्रम में आया। बच्चों और युवाओं में खास उत्साह देखने को मिला।
3:00 PM – राष्ट्रगीत के साथ शुरुआत
3:34 PM – ध्रुव हेलिकॉप्टर की योद्धा फॉर्मेशन
3:50 PM – डॉल्फिन फॉर्मेशन
3:59 PM – लेवल क्रॉस प्रदर्शन
4:14 PM – सूर्यकिरण की ब्रह्मोस फॉर्मेशन
4:17 PM – तिरंगा फॉर्मेशन के साथ समापन
जयपुर एयर शो 2026 ने यह साबित कर दिया कि भारतीय वायुसेना केवल देश की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का भी स्रोत है। जलमहल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में हुए इस भव्य आयोजन ने देशभक्ति और गर्व की भावना को और मजबूत किया।
ध्रुव हेलिकॉप्टरों की डॉल्फिन और डबल क्रॉस फॉर्मेशन से लेकर सूर्यकिरण टीम की ब्रह्मोस और तिरंगा प्रस्तुति तक—हर पल दर्शकों के लिए अविस्मरणीय रहा।
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