राजस्थान: की राजधानी में स्थित Jaipur International Airport पर गुरुवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने विमान में बैठे यात्रियों की सांसें कुछ समय के लिए रोक दीं। मुंबई से जयपुर आ रही Air India Express की फ्लाइट IX-1280 पहली कोशिश में लैंड नहीं कर पाई और रनवे को छूते ही दोबारा हवा में उड़ गई। करीब 12 मिनट बाद पायलट ने दूसरी कोशिश में विमान की सुरक्षित लैंडिंग करवाई।
जानकारी के अनुसार विमान में क्रू मेंबर सहित कुल 147 लोग सवार थे। हालांकि इस घटना में किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ और सभी यात्री सुरक्षित रहे। लेकिन कुछ मिनटों तक यात्रियों के बीच तनाव और घबराहट का माहौल जरूर बन गया था।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-1280 ने सुबह 7:37 बजे Mumbai से जयपुर के लिए उड़ान भरी थी। यह नियमित घरेलू उड़ान है जो रोजाना दोनों शहरों के बीच यात्रियों को लेकर आती-जाती है।
करीब डेढ़ घंटे की उड़ान के बाद विमान सुबह लगभग 9:20 बजे जयपुर एयरपोर्ट के रनवे के पास पहुंचा और पायलट ने लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू की। सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था और यात्रियों को भी उम्मीद थी कि कुछ ही मिनटों में विमान सुरक्षित जमीन पर उतर जाएगा।
लैंडिंग के दौरान जैसे ही विमान रनवे के करीब पहुंचा, पायलट को लगा कि लैंडिंग की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। विमान ने रनवे को हल्का टच किया लेकिन तुरंत ही पायलट ने सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए विमान को दोबारा हवा में उड़ा दिया।
एविएशन की भाषा में इस प्रक्रिया को “गो-अराउंड” कहा जाता है। इसमें पायलट लैंडिंग को रोककर विमान को फिर से उड़ान की स्थिति में ले जाता है ताकि दोबारा सुरक्षित तरीके से लैंडिंग की जा सके।
इस दौरान विमान कुछ समय तक एयरपोर्ट के ऊपर हवा में चक्कर लगाता रहा और पायलट ने दोबारा लैंडिंग की तैयारी की।
पहली कोशिश असफल होने के बाद विमान करीब 12 मिनट तक हवा में रहा। इस दौरान यात्रियों को स्थिति के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, जिससे कई लोगों के मन में चिंता भी बढ़ गई थी।
हालांकि विमान के क्रू मेंबर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे और यात्रियों को शांत रहने के लिए कहा गया। पायलट ने सभी जरूरी जांच करने के बाद दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास किया।
करीब 12 मिनट बाद सुबह लगभग 9:32 बजे पायलट ने दोबारा विमान को रनवे की ओर उतारा। इस बार विमान पूरी तरह सुरक्षित तरीके से रनवे पर उतर गया।
जैसे ही विमान सुरक्षित लैंड हुआ, यात्रियों ने राहत की सांस ली। कई यात्रियों ने पायलट की सूझबूझ और सावधानी की सराहना भी की।
यह पहली बार नहीं है जब जयपुर एयरपोर्ट पर इस तरह का गो-अराउंड हुआ हो। इससे पहले 12 फरवरी को भी एयर इंडिया की एक फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान इसी तरह की स्थिति बनी थी।
उस दिन Air India की मुंबई-जयपुर फ्लाइट AI-2781 लैंडिंग के दौरान टचडाउन से ठीक पहले दोबारा हवा में चली गई थी। उस समय भी करीब 12 मिनट बाद दूसरी कोशिश में विमान को सुरक्षित उतारा गया था।
एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार गो-अराउंड कोई असामान्य या खतरनाक स्थिति नहीं होती। जब भी पायलट को लगता है कि लैंडिंग पूरी तरह सुरक्षित नहीं है—चाहे मौसम की वजह से, रनवे की स्थिति से या तकनीकी कारण से—तो वह तुरंत विमान को दोबारा उड़ान में ले जाता है।
यह प्रक्रिया यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही अपनाई जाती है। इसलिए कई बार लैंडिंग से ठीक पहले भी विमान को दोबारा हवा में भेज दिया जाता है।
जयपुर एयरपोर्ट पर हुई यह घटना कुछ मिनटों के लिए जरूर तनावपूर्ण रही, लेकिन पायलट की सतर्कता और सुरक्षा नियमों के पालन की वजह से बड़ा हादसा टल गया। विमान में सवार सभी 147 यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे।
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि गो-अराउंड जैसी प्रक्रिया यात्रियों की सुरक्षा के लिए ही होती है और यह आधुनिक विमानन प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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