अलवर/उदयपुर। UGC New Rules Protest Rajasthan के तहत बुधवार को राजस्थान के कई जिलों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। अलग-अलग सामाजिक संगठनों और सवर्ण समाज के बैनर तले हुए इन प्रदर्शनों के दौरान उदयपुर में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए।
विवाद की जड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए नारे बने, जिस पर मौके पर मौजूद भाजपा नेता ने कड़ी आपत्ति जताई। हालांकि अन्य पदाधिकारियों के हस्तक्षेप से स्थिति को संभाल लिया गया।
उदयपुर में विप्र फाउंडेशन के बैनर तले समाज के लोगों ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए यूजीसी के नए नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की।
इसी दौरान जनता सेना से जुड़े पंकज सुखवाल द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी शुरू की गई। इस पर वहां मौजूद भाजपा नेता अर्चना शर्मा ने तीखी आपत्ति जताते हुए इसे सार्वजनिक मंच की गरिमा के खिलाफ बताया।
नारेबाजी को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और देखते ही देखते संगठन के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। मौके पर मौजूद वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रशासनिक प्रतिनिधियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
अलवर जिले में भी UGC New Rules Protest Rajasthan के तहत सवर्ण समाज ने रैली निकाली। प्रदर्शनकारी ‘यूजीसी का काला कानून वापस लो’ जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे।
रैली के बाद प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम सीमा मीणा को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यूजीसी के नए नियम सामान्य वर्ग और सवर्ण समाज के छात्रों के हितों के खिलाफ हैं।
अलवर जिले के राजगढ़ कस्बे में स्वर्ण समाज एकता मंच के नेतृत्व में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ रैली निकाली गई। सभी प्रदर्शनकारी गणेश पोल पर एकत्रित हुए और वहां से मुख्य बाजार होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे।
हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इस कथित काले कानून को तुरंत वापस लिया जाए।
करणी सेना के अलवर जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह नरुका ने कहा कि 13 जनवरी 2026 को जारी यूजीसी के नए नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों के खिलाफ हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों से शिक्षा व्यवस्था में असंतुलन पैदा होगा और योग्य छात्रों के साथ अन्याय होगा।
कोटा में भी विप्र फाउंडेशन के बैनर तले सवर्ण समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। सर्किट हाउस से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली गई और जिला कलेक्टर कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की गई।
विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भुवनेश्वर शर्मा ने कहा कि यूजीसी की इस अधिसूचना के बाद समाज में भय का माहौल बन गया है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि नियमों को वापस नहीं लिया गया तो सामाजिक टकराव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
जोधपुर में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि यूजीसी के नए नियमों को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने 1 फरवरी को जोधपुर बंद के साथ-साथ भारत बंद का आह्वान भी किया है। संगठनों ने चेतावनी दी कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार इस कानून पर पुनर्विचार नहीं करती।
राजस्थान के विभिन्न जिलों में हुए इन प्रदर्शनों से साफ है कि UGC New Rules Protest Rajasthan अब केवल शिक्षा नीति का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय भी बन चुका है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूजीसी के नए नियमों से न केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों और सामाजिक संतुलन पर भी असर पड़ेगा।
UGC New Rules Protest Rajasthan के तहत राजस्थान में लगातार तेज हो रहा विरोध आने वाले दिनों में और उग्र रूप ले सकता है। उदयपुर में कार्यकर्ताओं के बीच हुआ टकराव इस बात का संकेत है कि असंतोष गहराता जा रहा है। अगर सरकार और यूजीसी ने समय रहते इस पर संवाद और समाधान नहीं किया, तो आंदोलन राज्य से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर और बड़ा रूप ले सकता है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.