नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। इस समय लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। इसी बीच आज 02 फरवरी को शाम 5 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले सदन में हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं।
एक दिन पहले संसद की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस के 7 और CPI(M) के एक सांसद को हंगामे के बीच बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। आरोप है कि प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी के बयान को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद सदन का माहौल और गरमा गया।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह इस विषय पर तुरंत बयान दे और सदन में पूरी चर्चा की अनुमति दी जाए। मनीष तिवारी ने कहा कि व्यापार, ऊर्जा और विदेश नीति से जुड़े अहम फैसले बिना पारदर्शिता के लिए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं।
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिए जाने को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा है। राहुल गांधी लगातार अपनी बात रखने की कोशिश करते रहे। उन्होंने स्पीकर को सौंपे गए एक दस्तावेज को सत्यापित कर सदन की टेबल पर रखा। इस दौरान भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा संदर्भ से हटकर मुद्दे उठाती है।
सांसदों के निलंबन को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इस कार्रवाई को असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी देश की सच्चाई सामने लाना चाहते हैं, तो सरकार डर जाती है और उन्हें बोलने से रोका जाता है।
राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक मुद्दे पर भी विरोध जताया है। उन्हें एक लेख का हवाला देने से रोका गया, जिसमें 2020 के भारत–चीन संघर्ष और पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का उल्लेख था। इस पर राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई।
अब सभी की निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज होने वाले लोकसभा संबोधन पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री सरकार का पक्ष रखते हुए बजट सत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर जवाब दे सकते हैं। हालांकि, विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर जारी विरोध के चलते सदन में एक बार फिर हंगामे की आशंका बनी हुई है।
संसद का बजट सत्र इस बार आर्थिक मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है। सांसदों के निलंबन और विपक्ष को बोलने से रोके जाने के आरोपों ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा संबोधन इस पूरे घटनाक्रम में बेहद अहम माना जा रहा है।
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