नई दिल्ली: में आयोजित AI समिट 2026 अब सियासी घमासान का केंद्र बन गया है। 20 फरवरी को भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद शनिवार को भाजपा ने देशभर में कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।
दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की।
दिल्ली में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
कार्यकर्ता “कांग्रेस + राहुल गांधी = गद्दार” और “देशद्रोही राहुल गांधी माफी मांगो” जैसे पोस्टर लेकर विरोध कर रहे थे।
पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी और कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग भी की गई।
मुंबई के मुलुंड में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के काफिले को काले झंडे दिखाए। राहुल गांधी भिवंडी कोर्ट में पेशी के लिए जा रहे थे। यह मामला 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान RSS पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है।
20 फरवरी को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित AI समिट के दौरान 15-20 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता मंच के पास पहुंच गए।
उनके हाथों में सफेद टी-शर्ट थीं, जिन पर प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति की तस्वीर के साथ “PM is Compromised” लिखा था।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और QR कोड स्कैन कर एंट्री ली थी। बाद में उन्होंने जैकेट उतारकर टी-शर्ट दिखाते हुए विरोध किया।
दिल्ली पुलिस ने 4 नेताओं को गिरफ्तार किया है:
कृष्णा हरि (सेक्रेटरी, इंडियन यूथ कांग्रेस)
कुंदन यादव (बिहार स्टेट सेक्रेटरी)
अजय कुमार (UP स्टेट वाइस प्रेसिडेंट)
नरसिम्हा यादव (नेशनल कोऑर्डिनेटर)
मामले की सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट में हुई, जहां पुलिस ने 5 दिन की कस्टडी मांगी। कोर्ट ने बेल और कस्टडी पर आदेश सुरक्षित रख लिया है।
पुलिस का कहना है कि:
प्रदर्शनकारियों ने देश विरोधी नारे लगाए
पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई
मोबाइल फोन और फंडिंग की जांच जरूरी है
वहीं आरोपियों के वकील ने कहा कि विरोध शांतिपूर्ण था और यह राजनीतिक कार्रवाई है।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर इंटरनेशनल समिट में देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया।
BJP सांसदों ने इसे साजिश करार दिया और कहा कि इस तरह के विरोध से भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है।
2026 इंडिया AI इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन 16 फरवरी को प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था।
इस समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि, 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 से ज्यादा मंत्री और 300+ प्रदर्शक शामिल हुए।
समिट का उद्देश्य AI के वैश्विक उपयोग और सहयोग को बढ़ावा देना है।
AI समिट में हुए विरोध प्रदर्शन ने राष्ट्रीय राजनीति को गर्मा दिया है। एक तरफ भाजपा इसे देश की छवि के खिलाफ साजिश बता रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार बता रही है।
अब मामला अदालत और जांच एजेंसियों के हाथ में है। आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और तेज हो सकता है।
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