गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 वर्षीय छात्रा अपने मां-पिता और दादी को खाने में नींद की दवा मिलाकर सुला देती थी। इसके बाद वह रात में चुपचाप घर से निकलकर पड़ोस में रहने वाले 22 वर्षीय युवक से मिलने चली जाती थी। मामला तब खुला, जब परिजनों ने बेटी पर शक होने के बाद सोने का नाटक किया और उसे रंगेहाथ पकड़ लिया।
यह घटना गुलरिहा थाना क्षेत्र के एक गांव की है। आरोपी युवक पेंट-पॉलिश का काम करता है और दोनों एक ही समाज से जुड़े बताए जा रहे हैं।
पीड़िता के पिता मुंबई में काम करते हैं और हाल ही में घर लौटे थे। उन्होंने देखा कि बेटी के व्यवहार में अचानक बदलाव आ गया है। वह घंटों मोबाइल पर बात करती, देर रात तक जागती और कई बार बिना बताए घर से बाहर चली जाती थी।
कुछ दिनों से पिता, मां और दादी को रात का खाना खाने के बाद असामान्य रूप से तेज नींद आने लगी। शुरुआत में परिवार ने इसे सामान्य समझा, लेकिन जब यह रोज़ होने लगा तो शक गहराने लगा।
3 जनवरी की रात पिता और मां ने खाने को हाथ तक नहीं लगाया और अपने कमरे में जाकर सोने का नाटक किया। रात करीब 11:30 बजे घर में हलचल सुनाई दी। बाहर निकलकर देखा तो बेटी शॉल ओढ़कर घर से निकल रही थी।
माता-पिता ने चुपचाप उसका पीछा किया। करीब 200 मीटर दूर जाकर लड़की पड़ोस में रहने वाले युवक के घर में दाखिल हुई। वहीं, एक कमरे के अंदर दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया गया।
पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि वह एक साल से अधिक समय से युवक के संपर्क में थी। मोबाइल फोन से बातचीत शुरू हुई, जिसके बाद युवक ने उसका माइंड वॉश कर लिया।
लड़की ने बताया कि खाने में नींद की दवा मिलाने का आइडिया भी उसी युवक का था और दवा भी वही लाकर देता था। इसके जरिए वह रात में घर से निकलकर उससे मिलने जाती थी।
मामला सामने आने के बाद 4 जनवरी को गांव में पंचायत हुई। आरोपी युवक ने माफी मांगते हुए दोबारा ऐसा न करने का वादा किया, लेकिन इसके बाद भी उसका लड़की से संपर्क बना रहा।
परिवार द्वारा विरोध करने पर युवक ने जान से मारने की धमकी दी और गांव से फरार हो गया। इसके बाद पीड़िता के पिता ने गुलरिहा थाने में लिखित शिकायत दी।
गुलरिहा थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ छेड़खानी, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने किशोरी को मोबाइल फोन देकर बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे प्रेमजाल में फंसाया। इसके बाद माता-पिता को बेहोश करने की साजिश रची गई। पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है।
यह मामला नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और मोबाइल के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। साथ ही यह दिखाता है कि कैसे प्रेमजाल और मानसिक प्रभाव के जरिए किशोरों को खतरनाक रास्ते पर धकेला जा सकता है। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी की कोशिश जारी है।
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