राजस्थान: के दौसा जिले में स्थित उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में शनिवार से 5 दिवसीय होली महोत्सव का भव्य आगाज हो गया। 4 मार्च तक चलने वाले इस महोत्सव में देशभर से श्रद्धालुओं के जत्थे पहुंचने लगे हैं। महोत्सव के पहले दिन स्वयंभू बालाजी महाराज का पंचामृत अभिषेक कर अलौकिक श्रृंगार किया गया और सोने का चोला चढ़ाया गया, जिसने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।
मंदिर के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज के सानिध्य में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। प्रातःकाल मंगला आरती के साथ ही महोत्सव की विधिवत शुरुआत की गई। बालाजी महाराज का पंचामृत से अभिषेक कर उन्हें सोने का चोला पहनाया गया। इसके साथ ही छप्पनभोग अर्पित किया गया, जिसकी झांकी देखने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।
आरती के पश्चात भक्तों ने स्वयंभू बालाजी महाराज के साथ भैरव बाबा, प्रेतराज सरकार, सीताराम दरबार, राधा-कृष्ण और समाधि वाले बाबा के दर्शन किए। मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।
महोत्सव के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। यही कारण है कि मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। कस्बे में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है और बाजारों में भी रौनक दिखाई दे रही है।
मंदिर ट्रस्ट सचिव एम.के. माथुर ने बताया कि होली महोत्सव के दौरान विशाल होलिका दहन, महाआरती, छप्पनभोग झांकी और महायज्ञ जैसे कई धार्मिक आयोजन होंगे। श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराए जाने के लिए विशेष कतार व्यवस्था बनाई गई है।
भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 250 अतिरिक्त गार्ड तैनात किए गए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। पेयजल, चिकित्सा सुविधा और एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की गई है।
ट्रस्ट की ओर से मेडिकल टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
पुलिस-प्रशासन ने भी महोत्सव को देखते हुए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। दौसा और करौली जिला पुलिस के करीब 200 जवान तैनात किए गए हैं। थाना इंचार्ज गौरव प्रधान स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
महोत्सव के दौरान कस्बे में चौपहिया वाहनों की नो-एंट्री लागू रहेगी। श्रद्धालुओं के वाहनों को बस स्टैंड और सरकारी पार्किंग में रोका जाएगा। बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को थ्री-व्हीलर से मंदिर तक जाने की अनुमति दी गई है।
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर अपनी विशेष धार्मिक मान्यताओं के कारण देशभर में प्रसिद्ध है। यहां होली महोत्सव विशेष श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। सोने का चोला चढ़ाने की परंपरा भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है।
मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। श्रद्धालु रंगों के इस पर्व को आध्यात्मिक वातावरण में मनाने के लिए बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं।
पहले दिन का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। भीड़ के बावजूद व्यवस्थाएं सुचारू रहीं। प्रशासन और ट्रस्ट प्रबंधन ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं के सहयोग से महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न होगा।
मेहंदीपुर बालाजी में होली महोत्सव की शुरुआत सोने के चोले और छप्पनभोग के साथ भव्य रूप से हुई। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। आस्था, परंपरा और सुरक्षा के इस संगम ने महोत्सव को यादगार बना दिया है।
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