राजस्थान: के बांसवाड़ा जिले में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां चलती बाइक के पहिए में साड़ी फंसने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। साड़ी का पल्लू पिछले पहिए में उलझते ही गर्दन में कसाव बढ़ता गया और कुछ ही सेकंड में वह फंदे की तरह जकड़ गया। महिला सड़क पर गिर पड़ी और उसकी गर्दन पर गहरे चोट के निशान बन गए।
यह हादसा कोतवाली थाना क्षेत्र के निचला घंटाला गांव के पास शनिवार दोपहर करीब 3 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, खेर डाबरा निवासी दिनेश अपनी पत्नी सविता के साथ बाइक पर किसी काम से बांसवाड़ा शहर आ रहे थे। रास्ते में अचानक सविता की साड़ी का पल्लू बाइक के पिछले पहिए में उलझ गया।
पति दिनेश ने बताया कि बाइक चल रही थी और उन्हें अचानक झटका महसूस हुआ। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, साड़ी का पल्लू पहिए के साथ घूमने लगा और तेजी से गले की ओर कसता चला गया।
दिनेश के अनुसार, “साड़ी इतनी तेजी से खिंची कि वह गले में फांसी के फंदे जैसी बन गई। मुझे लगा कहीं गर्दन टूट न जाए।” खिंचाव बढ़ने से सविता का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़ी। गिरने के दौरान उसकी गर्दन और कंधे पर गंभीर चोटें आईं।
घटना के समय आसपास मौजूद राहगीरों ने तुरंत मदद की। बाइक रोकी गई और महिला को संभालकर सड़क किनारे लिटाया गया। कुछ ही मिनटों में परिजन निजी वाहन से उसे अस्पताल लेकर रवाना हुए।
घायल महिला को बांसवाड़ा के प्रमुख सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी (एमजी) अस्पताल पहुंचाया गया। यहां इमरजेंसी वार्ड में प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों ने गर्दन की जांच की और जरूरी टेस्ट कराए।
चिकित्सकों के अनुसार महिला की गर्दन पर गहरे निशान हैं, लेकिन फिलहाल स्थिति स्थिर है। उसे जनरल वार्ड में भर्ती कर निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचाने से स्थिति गंभीर होने से बच गई।
हादसा कोतवाली थाना क्षेत्र में हुआ है। हालांकि परिजनों ने इसे दुर्घटना बताते हुए किसी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं कराई है। स्थानीय पुलिस ने बताया कि सड़क दुर्घटना की सूचना मिली थी, लेकिन मामला आपसी हादसे का है।
इस घटना ने एक बार फिर दोपहिया वाहन पर यात्रा करते समय सुरक्षा के नियमों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ढीले कपड़े, खासकर साड़ी या दुपट्टा, बाइक के पहिए या चेन में फंस सकते हैं। इससे गंभीर हादसे हो सकते हैं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, महिलाओं को बाइक पर बैठते समय पल्लू या दुपट्टे को अच्छी तरह से संभालना चाहिए। यदि संभव हो तो सेफ्टी कवर या गार्ड का इस्तेमाल करना चाहिए।
घटना के समय आसपास मौजूद लोगों की तत्परता ने बड़ी अनहोनी टाल दी। अगर कुछ मिनटों की देरी होती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। परिजनों ने मदद करने वालों का आभार जताया।
हादसे के बाद परिवार में दहशत का माहौल है। पति दिनेश बार-बार यही कह रहे थे कि कुछ सेकंड की लापरवाही भारी पड़ सकती थी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बाइक पर सफर करते समय सावधानी जरूर बरतें।
बांसवाड़ा में हुआ यह हादसा एक चेतावनी है कि दोपहिया वाहन पर यात्रा करते समय कपड़ों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। समय रहते इलाज मिलने से महिला की जान बच गई, लेकिन यह घटना दिखाती है कि छोटी सी चूक कितनी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है। सड़क पर सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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