राजस्थान: की राजधानी जयपुर में फूड सेफ्टी विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अमूल ब्रांड के नॉन-डेयरी फूड प्रोडक्ट्स का भारी मात्रा में एक्सपायरी स्टॉक जब्त किया। खो-नागोरियान इलाके में स्थित एक C&F (कैरी एंड फॉरवर्ड) गोदाम पर छापेमारी के दौरान करीब 3 हजार कार्टन सीज किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 6 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है।
यह कार्रवाई सीएमएचओ जयपुर (सेकंड) की टीम द्वारा की गई। प्राथमिक जांच में सामने आया कि एक्सपायर हो चुके प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट मिटाकर नई तारीख लगाकर उन्हें दोबारा बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी।
सीएमएचओ जयपुर (सेकंड) डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि 181 पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर टीम को जांच के लिए भेजा गया था। टीम ने खो-नागोरियान स्थित मैसर्स एथलीट डिस्ट्रीब्यूटर के C&F गोदाम में निरीक्षण किया।
जांच के दौरान पाया गया कि यहां मैसर्स कायरा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर यूनियन, गुजरात की ओर से निर्मित अमूल ब्रांड के कई नॉन-डेयरी फूड प्रोडक्ट्स—जिनमें नूडल्स, टोमैटो केचअप, मेयोनीज और एनर्जी ड्रिंक शामिल हैं—बड़ी मात्रा में रखे गए थे। कुल मिलाकर लगभग 3 हजार कार्टन एक्सपायरी पाए गए।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि करीब 1000 कार्टन में पैकेट्स पर छपी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट को पहले ही मिटाया जा चुका था। मौके पर मौजूद संचालक गगन आहूजा के पास से थिनर, एसीटोन जैसे केमिकल भी बरामद हुए, जिनका इस्तेमाल पैकेट्स पर छपी तारीख मिटाने के लिए किया जा रहा था।
टीम को आशंका है कि इन प्रोडक्ट्स पर नई तारीख प्रिंट कर उन्हें दोबारा बाजार में सप्लाई करने की तैयारी थी।
छापेमारी के दौरान यह भी पाया गया कि संबंधित फर्म का फूड लाइसेंस भी एक्सपायर हो चुका था। इसके बावजूद गोदाम में बड़े स्तर पर खाद्य सामग्री का भंडारण किया जा रहा था।
यह तथ्य सामने आने के बाद टीम ने पूरे गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया और वहां मौजूद सभी उत्पादों की बिक्री पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी।
पूछताछ में गोदाम संचालक ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि जिस कंपनी से माल आया था, उसने एक्सपायर स्टॉक वापस लेने से मना कर दिया था। नुकसान से बचने के लिए उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से पैकेट्स पर तारीख बदलने का तरीका सीखा।
हालांकि इस बयान की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
फूड सेफ्टी टीम ने मौके से नूडल्स, टोमैटो केचअप और सॉस के सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं। जब्त किए गए एक्सपायर उत्पादों को नगर निगम के डंपिंग यार्ड में नष्ट करवाया जाएगा।
डॉ. मित्तल ने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट्स की री-पैकेजिंग या डेट बदलकर बिक्री करना न केवल अवैध है, बल्कि यह उपभोक्ताओं की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ भी है। ऐसे उत्पादों के सेवन से फूड पॉइजनिंग, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।
जयपुर में अमूल ब्रांड के नाम पर एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट्स की कथित री-लेबलिंग का मामला खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। 6 करोड़ से अधिक कीमत के 3 हजार कार्टन सीज किए जाने और गोदाम सील होने के बाद अब आगे की जांच पर सबकी नजर है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह न केवल कानून का उल्लंघन बल्कि उपभोक्ताओं के भरोसे के साथ भी गंभीर धोखा माना जाएगा।
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