जयपुर। राजस्थान में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा दावा किया है। राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने विधानसभा में कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपए के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपए की निवेश ग्राउंडिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश को धरातल पर उतार रही है।
राठौड़ ने बताया कि अलवर में 2200 करोड़ रुपए का निवेश शुरू होने जा रहा है। इसके अलावा जयपुर में डाटा सेंटर और मेडिकल संस्थान स्थापित किए जाएंगे। धौलपुर, जोधपुर और सीकर में नई औद्योगिक इकाइयों की शुरुआत की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि HPCL पचपदरा रिफाइनरी के डाउनस्ट्रीम प्रोजेक्ट्स को गति दी गई है और पेट्रो जोन में 50 से अधिक उत्पादों के निर्माण की दिशा में काम चल रहा है।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म, रिजॉल्व’ मंत्र और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान ने विकास को क्रियान्वयन तक पहुंचाया है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पांच नोड, जामनगर-अमृतसर इकोनॉमिक कॉरिडोर का 640 किमी हिस्सा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 370 किमी और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लगभग 500 किमी हिस्से से राज्य को लाभ मिल रहा है। करीब ढाई लाख करोड़ रुपए की यह अवसंरचना भविष्य में औद्योगिक रीढ़ साबित होगी।
राठौड़ ने कहा कि RIPS 2024 लागू करते समय स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए। जहां पिछली सरकार ने अंतिम दो वर्षों में 487 करोड़ रुपए का अनुदान दिया था, वहीं वर्तमान सरकार ने दो साल में 1600 करोड़ रुपए से अधिक वितरित किए।
MSME पॉलिसी 2024 के तहत उद्योगों को 6% ब्याज अनुदान और 2% अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। सिंगल विंडो सिस्टम की सेवाएं 88 से बढ़ाकर 181 कर दी गई हैं।
मंत्री ने बताया कि सरकार को 30 हजार स्वरोजगार आवेदन प्राप्त हुए हैं और एक लाख नए उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
खेल क्षेत्र में 1786 खिलाड़ियों को 40 करोड़ रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि दी गई और 186 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिली। खेलो इंडिया यूथ गेम्स में राजस्थान ने 60 पदक जीतकर तीसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि शूटिंग में 32 स्वर्ण पदकों के साथ पहला स्थान हासिल किया।
राज्यवर्धन राठौड़ के बयान से स्पष्ट है कि राजस्थान सरकार निवेश, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दे रही है। अलवर में 2200 करोड़ के निवेश और जयपुर में डाटा सेंटर जैसे प्रोजेक्ट राज्य को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकते हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि घोषित परियोजनाएं कितनी तेजी से जमीन पर उतरती हैं और युवाओं को कितना वास्तविक लाभ मिलता है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.