भारत: में पहली बार आयोजित AI Impact Summit 2026 का आज पांचवां दिन है। नई दिल्ली के प्रतिष्ठित Bharat Mandapam में हो रहे इस वैश्विक आयोजन में 100 से अधिक देशों के तकनीकी विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं। दक्षिण एशिया में इस स्तर का यह पहला एआई समागम माना जा रहा है।
समिट में 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की मौजूदगी ने इसे और ऐतिहासिक बना दिया है। भारत इस मंच के जरिए वैश्विक एआई नेतृत्व की दिशा में अपनी दावेदारी मजबूत कर रहा है।
Day-5 को लेकर उत्सुकता चरम पर है। आज निम्न प्रमुख गतिविधियां होने की संभावना है:
ग्लोबल एआई गवर्नेंस पर उच्चस्तरीय पैनल चर्चा
एआई और रोजगार पर विशेष सत्र
स्टार्टअप इनोवेशन शोकेस
भारत की राष्ट्रीय एआई रोडमैप पर विस्तृत प्रस्तुति
बहुपक्षीय तकनीकी सहयोग समझौतों की घोषणा
विशेषज्ञों का मानना है कि पांचवें दिन कुछ बड़े निवेश और साझेदारी समझौते सामने आ सकते हैं।
चौथे दिन भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी स्पष्ट रणनीति रखी।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने एआई को भविष्य की शक्ति बताते हुए कहा कि भारत तकनीक से डरने वाला नहीं, बल्कि उसे दिशा देने वाला देश है। उन्होंने एआई की दुनिया के लिए “MANAV” मंत्र प्रस्तुत किया, जिसमें मानव-केंद्रित और नैतिक एआई विकास पर जोर दिया गया।
तकनीकी जगत के बड़े नामों ने भी मंच साझा किया:
Sundar Pichai – एआई को जिम्मेदार नवाचार का माध्यम बताया
Sam Altman – वैश्विक एआई सुरक्षा ढांचे पर जोर दिया
Natarajan Chandrasekaran – भारत की डिजिटल क्षमता को रेखांकित किया
Mukesh Ambani – रिलायंस-जियो की ओर से अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये निवेश का ऐलान किया
इन घोषणाओं ने समिट को वैश्विक सुर्खियों में ला दिया।
समिट में जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हो रही है, उनमें शामिल हैं:
क्या एआई मानव रोजगार को प्रभावित करेगा या नए अवसर पैदा करेगा?
डेटा सुरक्षा और एथिकल एआई के लिए वैश्विक मानक कैसे तय होंगे?
गूगल, ओपनएआई और अन्य कंपनियों की भविष्य की रणनीति क्या होगी?
भारत एआई सुपरपावर बनने की दिशा में कौन से कदम उठा रहा है?
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल — जैसे आधार और यूपीआई — एआई इकोसिस्टम को मजबूत आधार प्रदान कर सकते हैं।
भारत तेजी से एआई इनोवेशन, स्टार्टअप इकोसिस्टम और सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। AI Impact Summit 2026 के जरिए भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि एआई तकनीक का वैश्विक निर्माता और नीति-निर्धारक बनना चाहता है।
AI Impact Summit 2026 का पांचवां दिन भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। 100+ देशों की भागीदारी और वैश्विक टेक लीडर्स की मौजूदगी ने दिल्ली को एआई कूटनीति का केंद्र बना दिया है।
अब नजर इस बात पर है कि क्या आज कोई बड़ा वैश्विक एआई फ्रेमवर्क या निवेश समझौता सामने आता है। इतना तय है कि इस समिट ने भारत को वैश्विक एआई मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिला दिया है।
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