दौसा। राजस्थान के दौसा में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को गेटोलाव सरोवर के पास प्रशासन ने पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में पक्के निर्माणों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के बाद दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा ने सोशल मीडिया पर विरोध जताते हुए प्रशासन पर गरीबों के आशियाने उजाड़ने का आरोप लगाया।
अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई एसडीएम संजू मीणा और तहसीलदार गजानंद मीणा के निर्देशन में की गई। प्रशासनिक टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से सरकारी जमीन पर बने पक्के निर्माणों को तोड़ा।
बताया जा रहा है कि यह अतिक्रमण दौसा कलां के खसरा नंबर 2628 और 2629 की भूमि पर था। संबंधित भूमि सिंचाई विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग की बताई जा रही है।
गेटोलाव सरोवर के पास अतिक्रमण के कारण सड़क निर्माण कार्य बाधित हो रहा था। प्रशासन ने पहले ही अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी थी। निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद शुक्रवार को कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।
कार्रवाई के तुरंत बाद विधायक दीनदयाल बैरवा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा कि “पर्ची सरकार के कारनामे—आज फिर दौसा में प्रशासन गरीबों के आशियाने उजाड़ रहा है।”
गौरतलब है कि इससे पहले भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विधायक और तहसीलदार गजानंद मीणा के बीच तीखी बहस हो चुकी है।
एक ओर प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना कानूनन आवश्यक है, वहीं दूसरी ओर विधायक इसे गरीब परिवारों के साथ अन्याय बता रहे हैं। इस मुद्दे पर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा और बहस जारी है।
दौसा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब प्रशासनिक कदम से आगे बढ़कर सियासी मुद्दा बन चुकी है। जहां प्रशासन इसे कानून का पालन बता रहा है, वहीं विधायक इसे गरीबों के खिलाफ कार्रवाई करार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, खासकर यदि प्रभावित परिवारों और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव बढ़ता है।
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