Download App Now Register Now

चौमूं हिंसा के बाद बड़ा एक्शन: पत्थरबाजों के घरों पर बुलडोजर, अंदर से निकले हथियार

चौमूं (जयपुर): जयपुर जिले के चौमूं कस्बे में हालिया हिंसा के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए पत्थरबाजों और उपद्रवियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को चौमूं के इमाम चौक जाने वाले मार्ग और पठानों के मोहल्ले में चौमूं बुलडोजर कार्रवाई के तहत अवैध अतिक्रमणों को तोड़ा गया। इस दौरान कई अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए और तीन बिल्डिंग को सील कर दिया गया।

यह कार्रवाई 25 दिसंबर को हुए उस बवाल के बाद की गई है, जब चौमूं बस स्टैंड स्थित मस्जिद के बाहर लोहे की रेलिंग लगाने को लेकर विवाद बढ़ गया था। विवाद इतना उग्र हो गया कि कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस हिंसा में छह पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जिनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। हालात को काबू में करने के लिए प्रशासन को दो दिनों तक इंटरनेट सेवाएं बंद करनी पड़ी थीं।

तीन दिन पहले दिया गया था नोटिस

प्रशासन ने उपद्रव के तुरंत बाद कार्रवाई नहीं की, बल्कि कानूनन प्रक्रिया अपनाते हुए पहले नोटिस जारी किए। जिला प्रशासन और नगर परिषद की टीमों ने तीन दिन तक इलाके में सर्वे कर आरोपियों के घरों और अन्य स्थानों पर बने अवैध निर्माणों को चिह्नित किया। इसके बाद अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस देकर स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए तीन दिन का समय दिया गया था।

नोटिस की मियाद 31 दिसंबर को पूरी होने के बाद शुक्रवार को नगर परिषद की टीम ने पुलिस बल के सहयोग से कार्रवाई शुरू की। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई थी।

अतिक्रमण हटाते समय मिले हथियार

कार्रवाई के दौरान पुलिस को चौंकाने वाली चीजें भी मिलीं। एक कुएं के पास मलबे में एक एयरगन और कुछ धारदार हथियार बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन हथियारों की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जाएगा कि इनका इस्तेमाल उपद्रव के दौरान हुआ था या नहीं।

24 आरोपियों के घर और अवैध बूचड़खाने निशाने पर

पुलिस के अनुसार, पत्थरबाजी में शामिल करीब 24 आरोपियों के घरों और अवैध बूचड़खानों को नोटिस जारी किए गए थे। शुक्रवार की कार्रवाई ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत की गई, जिसका उद्देश्य शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है। नगर परिषद ने कई अवैध निर्माणों को सील भी किया है।

प्रशासन का साफ संदेश

पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी समुदाय विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि कानून तोड़ने वालों और अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की हिंसा या अवैध गतिविधियों को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


निष्कर्ष:

चौमूं में हुई हिंसा के बाद बुलडोजर कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। नोटिस के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने वालों पर सख्त एक्शन हुआ और हथियारों की बरामदगी ने मामले की गंभीरता बढ़ा दी है। अब सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई भविष्य में ऐसे उपद्रवों पर प्रभावी रोक लगा पाएगी, या फिर प्रशासन को और कड़े कदम उठाने पड़ेंगे?

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
भजनलाल शर्मा का आया एक फोन और सारा काम हो गया... | मुकेश मिश्रा बने इंडियन मीडिया काउंसिल के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष, रतीराम गुर्जर को मिली प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी | उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस-वोटिंग विवाद: TMC बोली BJP ने विपक्षी सांसदों को ₹15-20 करोड़ में खरीदा; भाजपा ने कहा – I.N.D.I.A. गठबंधन में फूट | लाल किले से 'नए भारत' का आगाज: पीएम मोदी देंगे 12वां ऐतिहासिक भाषण, 5000 खास मेहमान बनेंगे गवाह | PM मोदी बोले: पुणे जैसा पटना और मुंबई जैसा मोतिहारी बनेगा, पहली नौकरी पर सरकार देगी ₹15 हजार | प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, एनटीपीसी निवेश से ऊर्जा क्षेत्र को भी मिलेगी रफ्तार: अमित शाह | राजस्थान में सरकारी नौकरियों का सुनहरा मौका: 50 हजार कर्मचारियों को मिलेगा प्रमोशन, नई भर्तियों में 100% पद बढ़े | नीरव मोदी के भाई निहाल मोदी को अमेरिका में किया गया गिरफ्तार: PNB घोटाले से जुड़े सबूत मिटाने का आरोप, भारत ने की थी प्रत्यर्पण की अपील | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले - भारतीय प्रवासियों ने दुनिया को भारत की संस्कृति और मूल्यों से जोड़े रखा, पूर्वजों की कठिनाइयों ने उम्मीद को नहीं तोड़ा | CM रेखा गुप्ता के बंगले के रेनोवेशन पर बवाल: एसी-टीवी से भरा टेंडर, विपक्ष ने कहा 'मायामहल' |