कोटा। राजस्थान के कोटा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। सर्दियों में गर्म पानी के इस्तेमाल के दौरान हुई लापरवाही ने साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची की जान ले ली। यह हादसा कोटा के राजगंजमंडी क्षेत्र में हुआ, जहां गीजर से गर्म किए गए पानी से झुलसने के बाद बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा गुरुवार 8 जनवरी को हुआ। मृतक बच्ची की पहचान रुमायशा के रूप में हुई है। वह अपने माता-पिता के साथ घर में थी। सर्दी के चलते बाथरूम में इलेक्ट्रिक गीजर से गर्म पानी भरकर बाल्टी रखी गई थी।
कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
बच्ची के पिता अमजद खान ने बताया कि उनकी पत्नी रुमायशा को नहलाने के लिए बाथरूम में जा रही थी। इसी दौरान बच्ची ने खेल-खेल में मग्गे से बाल्टी में भरा खौलता पानी अपने ऊपर डाल लिया। गर्म पानी गिरते ही बच्ची बुरी तरह झुलस गई और चीखने लगी।
परिजन तुरंत उसे रामगंजमंडी के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत गंभीर होने पर उसी रात बच्ची को कोटा के एमबीएस अस्पताल के बर्न वार्ड में रेफर किया गया।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
एमबीएस अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उसे बचा नहीं सके और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
परिजनों ने इस मामले में पोस्टमार्टम और किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया है।
सर्दियों में बढ़ रहा है खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में हीटर रॉड और गीजर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल बेहद सावधानी से करना चाहिए। गीजर से जरूरत से ज्यादा गर्म पानी भरकर खुला छोड़ना बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
निष्कर्ष:
कोटा की यह घटना एक कड़वी सीख है कि घर के भीतर मौजूद सुविधाएं भी जरा-सी लापरवाही में मौत का कारण बन सकती हैं। खासतौर पर छोटे बच्चों के आसपास गर्म पानी, गीजर और हीटर जैसे उपकरणों को बिना निगरानी छोड़ना बेहद खतरनाक है। सर्दियों में सतर्कता ही ऐसे हादसों से बचने का एकमात्र उपाय है।
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