दौसा। केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर और खत्म करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी ने दौसा में बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। एआईसीसी के आह्वान पर चलाए जा रहे “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के तहत शनिवार को दौसा जिला मुख्यालय पर प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
खान भांकरी रोड स्थित सांसद मुरारीलाल मीणा के आवास पर हुई इस प्रेस वार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा सरकार पर गरीब, मजदूर, किसान और ग्रामीण जनता के संवैधानिक अधिकारों पर हमला करने का आरोप लगाया।
अभियान के जिला प्रभारी एवं पूर्व विधायक जगदीश जांगिड़ ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही मनरेगा की ‘आत्मा’ पर प्रहार शुरू कर दिया था।
उन्होंने कहा कि आज मजदूरों को केवल 266 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिल रही है, जबकि कांग्रेस लगातार 400 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग कर रही है।
जांगिड़ ने आरोप लगाया कि सरकार 125 दिन रोजगार देने का दावा कर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि हकीकत में बजट में कटौती कर मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है।
सांसद मुरारीलाल मीणा ने कहा कि मनरेगा पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का वह दूरदर्शी विजन था, जिसने ग्रामीण महिलाओं, दलितों और वंचित वर्गों को आर्थिक आजादी दी।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा की जगह जो नया कानून लाने की तैयारी कर रही है, वह संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) और अनुच्छेद 40 (ग्राम स्वराज) की मूल भावना के खिलाफ है।
मीणा ने भाजपा सरकार को गरीब विरोधी और पूंजीपतियों की समर्थक करार दिया।
पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं प्रदेश एससी विभाग की अध्यक्ष ममता भूपेश ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने मनरेगा के जरिए जनता को रोजगार का कानूनी अधिकार दिया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा को खत्म करने की साजिश रचकर देश के करोड़ों गरीब मजदूरों और बेरोजगारों के साथ अन्याय कर रही है।
ममता भूपेश ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों, किसानों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान को व्यापक स्तर पर चलाएगी।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामजीलाल ओढ़ ने कहा कि केंद्र सरकार अब राज्यों पर 40 प्रतिशत वित्तीय भार डालकर इस योजना को राज्यों के लिए बोझ बनाना चाहती है।
उन्होंने बताया कि पहले से ही राजस्थान का करीब 5000 करोड़ रुपये केंद्र सरकार पर बकाया है।
ओढ़ ने आरोप लगाया कि भाजपा केवल नाम बदलकर राजनीति कर रही है, जबकि कांग्रेस गांधीवादी मूल्यों पर अडिग है। उन्होंने जानकारी दी कि कांग्रेस पार्टी ने 45 दिवसीय “संग्राम कैलेंडर” जारी किया है, जिसके तहत प्रदेशभर में आंदोलन किए जाएंगे।
दौसा से शुरू हुआ “मनरेगा बचाओ संग्राम” अब कांग्रेस का एक बड़ा जनआंदोलन बनने की ओर बढ़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने साफ कर दिया है कि मनरेगा को कमजोर या खत्म करने की किसी भी कोशिश का सड़क से संसद तक विरोध किया जाएगा। आने वाले दिनों में यह अभियान भाजपा सरकार के लिए राजनीतिक चुनौती बन सकता है।
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