मध्य पूर्व: में बढ़ते तनाव के बीच पंजाब के कई लोग अरब देशों में फंस गए हैं। अधिकतर लोग दुबई में रुके हुए हैं, जहां से उनकी वापसी लगातार टल रही है। पंजाब के एनआरआई मंत्री Ravjot Singh ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि राज्य सरकार को हेल्पलाइन पर बड़ी संख्या में कॉल्स मिल रही हैं।
मंत्री के मुताबिक सुबह से अब तक करीब 150 लोगों ने संपर्क किया है। इनमें अधिकतर लोग टूरिस्ट वीजा पर दुबई या अन्य खाड़ी देशों में गए थे और अब उनका वीजा खत्म होने के करीब है। कई लोगों के पास पैसे भी समाप्त हो रहे हैं, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।
मिडिल ईस्ट में इजराइल-ईरान तनाव के कारण कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गई हैं। दुबई से भारत आने वाली फ्लाइट्स बार-बार कैंसिल हो रही हैं, जिससे यात्री एयरपोर्ट या होटलों में फंसे हुए हैं।
फंसे लोगों ने बताया कि एयरलाइंस कंपनियां टिकटों के दाम बढ़ा रही हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार को ओवरचार्जिंग पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए, ताकि परेशान लोगों को और आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।
राज्य सरकार की ओर से पहले ही हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए थे। अलग-अलग देशों में स्थित भारतीय दूतावासों के संपर्क नंबर भी साझा किए गए हैं, ताकि लोग सीधे सहायता मांग सकें। हालांकि ओमान की एंबेसी से संपर्क में दिक्कत आने की जानकारी भी सामने आई है।
मंत्री रवजोत सिंह ने कहा कि संबंधित मंत्रालय से समन्वय किया गया है, लेकिन अभी तक कोई विशेष रेस्क्यू फ्लाइट की घोषणा नहीं हुई है। फिलहाल कुछ उड़ानें अबू धाबी से शुरू हुई हैं और उम्मीद है कि यूएई से भी जल्द नियमित उड़ानें बहाल होंगी।
पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने विदेश मंत्रालय से समय मांगा है, ताकि विदेशों में फंसे पंजाबियों की समस्याओं पर चर्चा की जा सके। मंत्री ने बताया कि बैठक के लिए अनुरोध भेजा गया है और रिमाइंडर भी दिया गया है, लेकिन अभी तक अपॉइंटमेंट नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है और समय रहते कार्रवाई जरूरी है। जिन लोगों के वीजा की अवधि समाप्त हो रही है, उन्हें कानूनी और आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
अक्टूबर से मार्च तक मिडिल ईस्ट में पर्यटन का सीजन होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग सीमित बजट के साथ टूरिस्ट वीजा पर खाड़ी देशों की यात्रा करते हैं। इस बार क्षेत्रीय तनाव के कारण यात्रा बाधित हो गई और कई लोग वहीं फंस गए।
फंसे हुए लोगों में कुछ लेबर क्लास के कर्मचारी भी शामिल हैं, जबकि कुछ परिवार अपने रिश्तेदारों से मिलने गए थे। सभी की स्थिति अलग-अलग है, लेकिन चिंता एक समान है—वापसी की अनिश्चितता।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य के सभी उपायुक्तों (डीसी) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की गई। बैठक में विदेशों में फंसे पंजाबियों की सुरक्षा और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा हुई।
सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि जिन परिवारों के सदस्य विदेशों में फंसे हैं, उनसे संपर्क बनाए रखें और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं।
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से कोई विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन घोषित नहीं किया गया है। हालांकि सीमित संख्या में कुछ उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। आने वाले दिनों में यदि हालात सामान्य होते हैं तो उड़ानों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
राज्य सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और केंद्र के साथ समन्वय कर रही है। मंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक हेल्पलाइन या दूतावास से संपर्क करें।
मिडिल ईस्ट संकट के कारण दुबई और अन्य खाड़ी देशों में फंसे पंजाबी टूरिस्टों की परेशानी बढ़ती जा रही है। वीजा समाप्ति और आर्थिक तंगी बड़ी चिंता बन चुकी है। पंजाब सरकार ने हेल्पलाइन सक्रिय कर दी है और केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कब उड़ानें पूरी तरह बहाल होती हैं और फंसे लोग सुरक्षित घर लौट पाते हैं।
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