जयपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जयपुर में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में महिलाओं की भूमिका और सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। इस कार्यक्रम में जिला प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि नारी ही समाज और राष्ट्र की प्रगति की धुरी है और महिला सशक्तिकरण के बिना किसी भी राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं को शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान कर राजस्थान को देश का अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है।
यह कार्यक्रम जयपुर स्थित हरीश चंद्र माथुर राज्य लोक प्रशासन संस्थान के भगवत सिंह सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन जयपुर और महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसकी थीम “सशक्त नारी, सशस्त्र राजस्थान” रखी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जोगाराम पटेल ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति तब तक अधूरी रहती है जब तक महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर नहीं बनतीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक अवसर प्रदान करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार काम कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना है।
जोगाराम पटेल ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान और खेल सहित हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं। यदि महिलाओं को समान अवसर दिए जाएं तो वे राज्य और देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती हैं।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम और रोजगार योजनाएं चला रही है। इसके साथ ही महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों को पहचानें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर जोगाराम पटेल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रतिदिन 2 से 5 किलोमीटर तक पैदल चलकर छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की देखभाल करती हैं। वे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ-साथ किशोरियों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की भी देखभाल करती हैं।
उन्होंने कहा कि इन कार्यकर्ताओं का समर्पण समाज के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और उनके प्रयासों को हमेशा सम्मान मिलना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रमुख रमा देवी चोपड़ा ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है और आज वे पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश और प्रदेश की प्रगति में योगदान दे रही हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक आदिवासी महिला हैं, जो इस बात का प्रतीक हैं कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सर्वोच्च पद तक पहुंच सकती हैं।
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले गैर सरकारी संगठनों की प्रतिनिधियों और महिला कार्यकर्ताओं को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर मुकेश कुमार मूंड, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक राजेश डोगीवाल तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक पार्थवी शर्मा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता और महिला अधिकारों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की गई और महिलाओं को समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जयपुर में आयोजित इस समारोह ने यह संदेश दिया कि महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज और राष्ट्र की प्रगति की कुंजी है। शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने जीवन को बेहतर बना सकती हैं बल्कि राज्य और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
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