नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले शनिवार सुबह परंपरा का पालन किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की और उन्हें बजट की औपचारिक जानकारी दी। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने वित्त मंत्री को दही-चीनी खिलाकर शुभकामनाएं दीं। इसके बाद निर्मला सीतारमण 11 बजे संसद में लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा।
राष्ट्रपति से मिलने से पहले वित्त मंत्री कर्तव्य भवन स्थित वित्त मंत्रालय पहुंचीं, जहां उन्होंने बजट टैबलेट लिया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पारंपरिक तस्वीर खिंचवाई। इसके बाद वे सीधे संसद के लिए रवाना हुईं।
सरकारी सूत्रों और बजट से पहले चल रही चर्चाओं के मुताबिक, इस बार बजट में सरकार पांच बड़े ऐलान कर सकती है। सबसे बड़ी उम्मीद नौकरीपेशा और मिडिल क्लास से जुड़ी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि नए टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जा सकता है। यदि ऐसा हुआ, तो सैलरीड क्लास की 13 लाख रुपये तक की सालाना आय टैक्स-फ्री हो सकती है।
पहली, इनकम टैक्स में राहत। नए टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ने से लाखों नौकरीपेशा लोगों को सीधा फायदा मिल सकता है।
दूसरी, पीएम किसान सम्मान निधि। किसानों को मिलने वाली सालाना राशि 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये की जा सकती है, जिसकी मांग लंबे समय से उठ रही है।
तीसरी, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर। वेटिंग लिस्ट कम करने के लिए 300 से ज्यादा अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनों की घोषणा संभव है। रेलवे को अब तक का सबसे बड़ा बजट मिलने की उम्मीद है।
चौथी, पीएम सूर्य घर योजना। 2 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर सब्सिडी 30 हजार रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 40 हजार रुपये की जा सकती है।
पांचवीं, आयुष्मान भारत योजना। अभी 70 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों को मिलने वाली इस योजना का दायरा बढ़ाकर 60 वर्ष तक किए जाने की संभावना है।
आम जनता की थाली से लेकर स्मार्टफोन तक ज्यादातर चीजों की कीमतें जीएसटी काउंसिल तय करती है, न कि सीधे बजट। हालांकि इम्पोर्ट ड्यूटी में बदलाव से कुछ वस्तुएं सस्ती या महंगी हो सकती हैं। इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि सोना और चांदी सस्ते हो सकते हैं। सरकार बेसिक कस्टम ड्यूटी को 6 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत कर सकती है। ऐसा होने पर सोना प्रति 10 ग्राम करीब 3 हजार रुपये और चांदी करीब 6 हजार रुपये तक सस्ती हो सकती है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उन्हें बजट से ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं, लेकिन वे इंतजार करेंगी।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जिस सरकार से कोई उम्मीद नहीं, उसके बजट से भी क्या उम्मीद की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ सालों के बजट सिर्फ 5 प्रतिशत लोगों के लिए होते हैं और सरकार को अपने वादों की समीक्षा करनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि मोदी सरकार पिछले 11 वर्षों से विकसित भारत के लक्ष्य पर काम कर रही है और यह बजट उसी दिशा में एक और मजबूत कदम होगा।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सवाल उठाया कि आर्थिक विकास के साथ रोजगार कैसे पैदा होंगे, क्योंकि बिना नौकरियों के ग्रोथ का कोई अर्थ नहीं है।
बजट पेश होने से पहले संसद भवन में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक शुरू हो चुकी है, जहां बजट को औपचारिक मंजूरी दी जाती है। इसके बाद वित्त मंत्री संसद में बजट भाषण देंगी।
निष्कर्ष:
केंद्रीय बजट 2026-27 केवल आर्थिक आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह मिडिल क्लास, किसानों, युवाओं और बुजुर्गों की उम्मीदों से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रपति भवन से लेकर संसद तक की तैयारियों के बीच देश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह बजट टैक्स राहत, रोजगार और महंगाई के मोर्चे पर जनता को वास्तविक राहत दे पाएगा या नहीं। अब सब कुछ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण पर निर्भर करता है।
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