Download App Now Register Now

ओम बिरला संग विधायकों पर ‘हार’ का ठीकरा! मोरपाल सुमन की बगावत पड़ी भारी, BJP ने थमाया नोटिस

बारां। राजस्थान की राजनीति में अंता उपचुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी के भीतर जबरदस्त भूचाल आ गया है। हार के बाद बीजेपी प्रत्याशी रहे मोरपाल सुमन ने जो आरोप लगाए हैं, उन्होंने न सिर्फ पार्टी नेतृत्व को असहज कर दिया है, बल्कि संगठन की आंतरिक गुटबाजी को भी सार्वजनिक मंच पर ला खड़ा किया है।

मोरपाल सुमन ने अपनी हार के लिए सीधे-सीधे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और जिले के तीन बीजेपी विधायकों पर भीतरघात का आरोप लगाया। मामला सामने आते ही पार्टी ने इसे घोर अनुशासनहीनता मानते हुए सख्त कदम उठाया है।

चिट्ठी में लगाए ‘विस्फोटक’ आरोप

मोरपाल सुमन ने बीजेपी जिलाध्यक्ष को लिखे पत्र में अपनी 15,594 वोटों से हुई हार का जिम्मेदार पार्टी के भीतर के लोगों को ठहराया।
पत्र में उन्होंने दावा किया कि—

  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की टीम ने उनके खिलाफ काम किया

  • भारी रकम खर्च कर कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया को जिताने में मदद की गई

  • मंत्री हीरालाल नागर से जुड़े लोगों ने मतदाताओं में धन वितरण कराया

इन आरोपों के सामने आने के बाद सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया।

‘मंत्री बनने के डर से अपनों ने हराया’

मोरपाल सुमन यहीं नहीं रुके। उन्होंने बीजेपी के तीन विधायकों—
प्रताप सिंह सिंघवी, ललित मीणा और राधेश्याम बैरवा—पर भी गंभीर आरोप लगाए।

पत्र में लिखा गया कि क्षेत्र में चर्चा थी कि अगर वे जीतते हैं, तो मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसी आशंका के चलते इन विधायकों ने उनके खिलाफ अंदरखाने काम किया।
इसके अलावा टिकट कटने से नाराज पार्टी नेताओं को भी हार का जिम्मेदार ठहराया गया।

बीजेपी का सख्त एक्शन, थमाया कारण बताओ नोटिस

मोरपाल सुमन का पत्र जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, बीजेपी नेतृत्व तुरंत हरकत में आ गया।
प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर मोरपाल सुमन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

नोटिस में साफ कहा गया है कि—
अगर तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो पार्टी उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।

अंता सीट का सियासी बैकग्राउंड

अंता विधानसभा सीट पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समर्थक कंवरलाल मीणा की विधायकी रद्द होने के बाद खाली हुई थी।
2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने यह सीट जीती थी, लेकिन उपचुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद जैन भाया ने जीत दर्ज कर ली।

मोरपाल सुमन के आरोपों ने अब इस हार को सिर्फ चुनावी नहीं, बल्कि बीजेपी के भीतर की गहरी खाई का मामला बना दिया है।


निष्कर्ष:

अंता उपचुनाव की हार के बाद मोरपाल सुमन के आरोपों ने बीजेपी की अंदरूनी राजनीति को सार्वजनिक कर दिया है। पार्टी जहां अनुशासन पर सख्त रुख अपनाए हुए है, वहीं यह विवाद आने वाले दिनों में राजस्थान बीजेपी की गुटबाजी और नेतृत्व संतुलन पर बड़ा असर डाल सकता है। अब सबकी नजर मोरपाल के जवाब और पार्टी के अगले कदम पर टिकी है।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
भजनलाल शर्मा का आया एक फोन और सारा काम हो गया... | मुकेश मिश्रा बने इंडियन मीडिया काउंसिल के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष, रतीराम गुर्जर को मिली प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी | उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस-वोटिंग विवाद: TMC बोली BJP ने विपक्षी सांसदों को ₹15-20 करोड़ में खरीदा; भाजपा ने कहा – I.N.D.I.A. गठबंधन में फूट | लाल किले से 'नए भारत' का आगाज: पीएम मोदी देंगे 12वां ऐतिहासिक भाषण, 5000 खास मेहमान बनेंगे गवाह | PM मोदी बोले: पुणे जैसा पटना और मुंबई जैसा मोतिहारी बनेगा, पहली नौकरी पर सरकार देगी ₹15 हजार | प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, एनटीपीसी निवेश से ऊर्जा क्षेत्र को भी मिलेगी रफ्तार: अमित शाह | राजस्थान में सरकारी नौकरियों का सुनहरा मौका: 50 हजार कर्मचारियों को मिलेगा प्रमोशन, नई भर्तियों में 100% पद बढ़े | नीरव मोदी के भाई निहाल मोदी को अमेरिका में किया गया गिरफ्तार: PNB घोटाले से जुड़े सबूत मिटाने का आरोप, भारत ने की थी प्रत्यर्पण की अपील | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले - भारतीय प्रवासियों ने दुनिया को भारत की संस्कृति और मूल्यों से जोड़े रखा, पूर्वजों की कठिनाइयों ने उम्मीद को नहीं तोड़ा | CM रेखा गुप्ता के बंगले के रेनोवेशन पर बवाल: एसी-टीवी से भरा टेंडर, विपक्ष ने कहा 'मायामहल' |