राजस्थान: की राजधानी Jaipur में ग्रामीण विकास की दिशा में एक अनूठी पहल ने इतिहास रच दिया है। ‘रास्ता खोलो अभियान’ के तहत पिछले 15 महीनों में 1703 से अधिक वर्षों से बंद पड़े रास्तों को खोला गया है। इस पहल ने लाखों ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना दिया है।
यह अभियान मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma की प्रेरणा से शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य था—ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को धरातल पर उतारना और जनहित को प्राथमिकता देना।
जयपुर जिला प्रशासन ने इस अभियान को गंभीरता से लागू किया। जिला कलेक्टर Dr. Jitendra Kumar Soni के नेतृत्व में टीम ने गांव-गांव जाकर वर्षों पुराने विवादों को सुलझाया।
डॉ. सोनी स्वयं इस अभियान की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हर सप्ताह प्रत्येक तहसील में न्यूनतम तीन रास्ते खुलवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने सहमति और समझाइश की नीति अपनाई, जिससे बिना किसी बड़े विवाद के मार्गों को पुनः सुचारु किया जा सका।
15 नवम्बर 2024 से 21 फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, कुल 1703 रास्ते खोले गए। यह केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव है।
वर्षों से बंद पड़े खेतों, ढाणियों और गांवों के मार्ग अब फिर से चालू हो गए हैं। इससे किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में आसानी हुई है।
अभियान के तहत सबसे अधिक 148 रास्ते फागी तहसील में खोले गए। मौजमाबाद में 132 रास्ते खोलकर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी गई।
अन्य तहसीलों में भी उल्लेखनीय कार्य हुआ—
आंधी: 119
चौमूं: 103
शाहपुरा: 100
फुलेरा व चाकसू: 91-91
जमवारामगढ़: 90
आमेर व दूदू: 89-89
रामपुरा डाबड़ी: 85
माधोराजपुरा: 83
बस्सी: 81
जोबनेर: 79
किशनगढ़: 75
कोटखावदा: 72
जालसू: 70
तुंगा: 57
सांगानेर: 34
कालवाड़: 10
जयपुर तहसील: 5
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अभियान पूरे जिले में व्यापक स्तर पर सफल रहा।
रास्ते खुलने से किसानों को ट्रैक्टर और अन्य मशीनरी खेतों तक ले जाने में सुविधा मिली है। पहले जहां लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ता था, अब सीधी पहुंच संभव हुई है।
ग्रामीणों को अब एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं की बेहतर सुविधा मिल रही है। विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुंचने में समय और दूरी दोनों की बचत हो रही है।
रास्तों को लेकर कई वर्षों से विवाद चल रहे थे। प्रशासन ने संवाद और सहमति के माध्यम से इन विवादों को सुलझाया। इससे न केवल मार्ग खुले, बल्कि सामाजिक सौहार्द भी मजबूत हुआ।
ग्रामीणों का प्रशासन पर विश्वास बढ़ा है। लोग अब अपनी समस्याएं खुलकर साझा कर रहे हैं और समाधान भी मिल रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में यह पहल सुशासन का उदाहरण बन गई है। यह अभियान दिखाता है कि यदि प्रशासन संवेदनशीलता और निरंतर प्रयास से काम करे तो वर्षों पुराने मुद्दे भी हल हो सकते हैं।
‘रास्ता खोलो अभियान’ अब जयपुर के ग्रामीण इलाकों में राहत और विश्वास का पर्याय बन चुका है।
जयपुर जिले में 15 महीनों में 1703 रास्ते खुलवाना एक बड़ी उपलब्धि है। इससे लाखों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिला है।
यह पहल केवल रास्ते खोलने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी, सामाजिक सौहार्द बढ़ाया और प्रशासन व जनता के बीच विश्वास का सेतु बनाया।
‘रास्ता खोलो अभियान’ अब एक मॉडल के रूप में सामने आया है, जिसे अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।
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