लखनऊ। राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे में 4 साल की मासूम बच्ची की घर के अंदर जलकर मौत हो गई। हादसा सुगामऊ हनुमंतपुरम स्थित डूडा कॉलोनी में हुआ, जहां माता-पिता के घर से बाहर जाते ही कमरे में आग लग गई।
पुलिस और परिजनों के अनुसार, बच्ची अविका अपनी 6 साल की बड़ी बहन पंखुड़ी के साथ कमरे में सो रही थी। कमरे के अंदर एक छोटा मंदिर बना हुआ था, जिसमें जल रहा दीपक पास लगे पर्दे के संपर्क में आ गया। देखते ही देखते पर्दे में आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरा कमरा आग की चपेट में आ गया।
आग की लपटें उठते ही बड़ी बहन पंखुड़ी जाग गई और किसी तरह कमरे से बाहर निकलने में सफल रही। लेकिन 4 साल की अविका आग में फंस गई। धुएं और लपटों के कारण वह बाहर नहीं निकल सकी।
बाहर निकलते ही पंखुड़ी ने शोर मचाया, जिस पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी और कमरे में घना धुआं भर गया था।
काफी मशक्कत के बाद लोगों ने अविका को बाहर निकाला और गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से डॉक्टरों ने उसे लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। लोहिया अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
मृतक बच्ची के पिता सुमित कुमार ने बताया कि वह ड्राइवरी का काम करते हैं। शुक्रवार रात करीब 9 बजे वह पत्नी शिल्पी के साथ घर से कुछ दूरी पर सब्जी लेने गए थे। उसी दौरान उन्हें घर में आग लगने की सूचना मिली।
जब वे लौटे तो घर का सारा सामान जल चुका था और उनकी छोटी बेटी गंभीर हालत में थी। सुमित का कहना है कि अविका का हाल ही में सीआईएस स्कूल में प्री-नर्सरी में एडमिशन कराया गया था।
आग इतनी भीषण थी कि कमरे में रखा लगभग सारा सामान जलकर राख हो गया। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। इलाके में भी शोक का माहौल है।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में हादसा दीपक से लगी आग के कारण हुआ प्रतीत हो रहा है। मामले की जांच जारी है।
लखनऊ में हुआ यह हादसा एक बार फिर घरेलू सुरक्षा और खुले दीपक के खतरे को उजागर करता है। कुछ मिनटों की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली और पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
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