राजस्थान: में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा देने के लिए लागू Right to Education Act (RTE) के तहत आवेदन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। आज यानी 10 मार्च को ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि है। जिन अभिभावकों ने अभी तक अपने बच्चों के लिए आवेदन नहीं किया है, उनके पास आज का दिन आखिरी मौका है।
राज्य सरकार द्वारा संचालित इस योजना के तहत बच्चों को निजी स्कूलों में बिना किसी फीस के प्रवेश दिया जाता है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन के लिए ऑनलाइन लॉटरी निकाली जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
शिक्षा विभाग के अनुसार इस वर्ष RTE के तहत प्राप्त आवेदनों की ऑनलाइन लॉटरी 12 मार्च को निकाली जाएगी। इस लॉटरी के माध्यम से चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा।
RTE के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू हुई थी। शुरुआत में आवेदन की अंतिम तिथि 4 मार्च तय की गई थी, लेकिन कई अभिभावकों को आवश्यक दस्तावेज तैयार करने में समय लगने के कारण इस तारीख को बढ़ाकर 10 मार्च कर दिया गया।
दरअसल आवेदन की शुरुआत के बाद शुरुआती 13 दिनों में से लगभग 7 दिन सरकारी छुट्टियां थीं। ऐसे में कई अभिभावक अपने बच्चों के जरूरी दस्तावेज समय पर नहीं बनवा पाए थे।
इसी कारण शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को राहत देते हुए आवेदन की समय सीमा में 6 दिनों की बढ़ोतरी कर दी।
इस बार **Jodhpur जिले में RTE योजना के तहत बड़ी संख्या में निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन किया जा सकता है।
शिक्षा विभाग के अनुसार जिले में कुल लगभग 1700 निजी स्कूल RTE योजना के तहत पंजीकृत हैं। इनमें शामिल हैं:
करीब 900 प्राइमरी स्कूल
लगभग 800 सेकेंडरी स्कूल
इन सभी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए सीटें आरक्षित हैं।
पिछले शैक्षणिक सत्र में जिलेभर में करीब 9 हजार बच्चों को RTE योजना के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश मिला था। इस वर्ष भी लगभग इतने ही बच्चों को लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
RTE नियमों में इस वर्ष एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले केवल नर्सरी और पहली कक्षा में ही प्रवेश के लिए आवेदन किया जा सकता था।
लेकिन अब नए नियमों के तहत अभिभावक अपने बच्चों के लिए चार अलग-अलग कक्षाओं में आवेदन कर सकते हैं:
नर्सरी
एलकेजी
यूकेजी
पहली कक्षा
इस बदलाव से अधिक बच्चों को योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।
RTE योजना के तहत प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए बच्चों का चयन ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाता है।
12 मार्च को निकाली जाने वाली इस लॉटरी में जिन बच्चों का नाम आएगा, उन्हें संबंधित निजी स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा।
लॉटरी के बाद चयनित बच्चों के अभिभावकों को निर्धारित समय सीमा में आवश्यक दस्तावेज जमा कराने होंगे। दस्तावेजों की जांच के बाद स्कूल में प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस बार RTE आवेदन प्रक्रिया में एक नया नियम भी लागू किया गया है। आवेदन पत्र में पहली बार पैन कार्ड की जानकारी मांगी जा रही है।
यदि अभिभावकों के पास पैन कार्ड है तो उन्हें उसका नंबर देना अनिवार्य होगा। हालांकि जिन अभिभावकों के पास पैन कार्ड नहीं है, उनके लिए यह अनिवार्य नहीं होगा।
पैन कार्ड के माध्यम से शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन अभिभावकों की आय का सत्यापन कर सकेंगे।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभिभावक झूठा आय प्रमाण-पत्र देकर अपने बच्चे का प्रवेश करवाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे मामलों में संबंधित स्कूल अभिभावकों से स्कूल की मूल फीस की दोगुनी राशि वसूल सकता है।
इसके अलावा अभिभावकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे।
RTE योजना से संबंधित किसी भी शिकायत या समस्या के समाधान के लिए शिक्षा विभाग ने एक ऑनलाइन पोर्टल भी उपलब्ध कराया है।
अभिभावक RajPSP Portal के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
शिकायत दर्ज करने के लिए अभिभावकों को वेबसाइट के होम पेज पर जाकर RTE परिवेदना-शिकायत विकल्प पर क्लिक करना होगा।
इसके बाद वे अपनी समस्या से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
Right to Education Act वर्ष 2009 में लागू किया गया था। इस कानून का उद्देश्य 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराना है।
इसके तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों के लिए आरक्षित की जाती हैं।
इन बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार वहन करती है।
RTE योजना के लागू होने के बाद लाखों बच्चों को अच्छी शिक्षा का अवसर मिला है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे अब निजी स्कूलों में पढ़कर बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना सामाजिक समानता को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे आवेदन करते समय सभी दस्तावेज सही और स्पष्ट रूप से अपलोड करें।
साथ ही आवेदन फॉर्म में दी गई जानकारी पूरी तरह सही होनी चाहिए। गलत जानकारी देने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है।
RTE योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में पढ़ाई का सुनहरा अवसर प्रदान करती है। आवेदन की अंतिम तिथि आज है, इसलिए जिन अभिभावकों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, उन्हें जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। 12 मार्च को होने वाली ऑनलाइन लॉटरी से यह तय होगा कि किन बच्चों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
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