जयपुर। राजस्थान क्रिकेट से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने राज्य की जूनियर क्रिकेट व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्थान की अंडर-14 क्रिकेट टीम में दो ऐसे खिलाड़ी शामिल हो गए, जिनका चयन राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की चयन समिति ने किया ही नहीं था। इसके बावजूद ये दोनों खिलाड़ी सेंट्रल जोन अंडर-14 क्रिकेट टूर्नामेंट में टीम के साथ न सिर्फ पहुंचे, बल्कि ड्रेसिंग रूम, डगआउट और प्रैक्टिस सेशन तक का हिस्सा बने।
मामले के सामने आने के बाद RCA की एडहॉक कमेटी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राजस्थान अंडर-14 टीम के हेड कोच अजहरुद्दीन को सस्पेंड कर दिया है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, ये दोनों खिलाड़ी न तो किसी डिस्ट्रिक्ट लेवल टूर्नामेंट में खेले थे और न ही चैलेंजर ट्रॉफी जैसे अनिवार्य चयन स्तरों से गुजरे थे। इसके बावजूद वे सीधे राष्ट्रीय स्तर के सेंट्रल जोन अंडर-14 टूर्नामेंट में राजस्थान टीम के साथ पहुंच गए।
टूर्नामेंट का आयोजन मध्य प्रदेश के इंदौर में किया जा रहा है। 24 जनवरी को विदर्भ के खिलाफ मुकाबले से पहले ये दोनों खिलाड़ी टीम के साथ देखे गए, जिससे चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि दोनों खिलाड़ियों के पास:
RCA की आधिकारिक टीम ड्रेस
किट बैग
खिलाड़ियों के साथ वॉर्म-अप करने की अनुमति
ड्रेसिंग रूम और डगआउट तक पहुंच
मौजूद थी। आम तौर पर बिना चयन के किसी खिलाड़ी का इन सुविधाओं तक पहुंचना लगभग असंभव माना जाता है।
RCA से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों की एंट्री सिफारिश के आधार पर कराई गई थी।
एक खिलाड़ी के पिता RCA से जुड़ी एक टीम में सपोर्ट स्टाफ के रूप में कार्यरत बताए जा रहे हैं।
दूसरे खिलाड़ी की एंट्री कथित तौर पर “ऊपर तक पहुंच” रखने वाले लोगों की सिफारिश से कराई गई।
सूत्रों का कहना है कि इसी दबाव के चलते टीम मैनेजमेंट को बिना चयन के इन खिलाड़ियों को शामिल करना पड़ा।
सस्पेंड किए गए हेड कोच अजहरुद्दीन ने अपनी सफाई में कहा कि उन्हें इस पूरे मामले की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी।
उन्होंने कहा,
“मुझे RCA की ओर से एक फोन कॉल आया था, जिसमें बताया गया कि दो बच्चे टीम के साथ आएंगे और उन्हें वॉर्म-अप सेशन में शामिल करना है। उनके पास आधिकारिक ड्रेस और किट थी, इसलिए मुझे कोई संदेह नहीं हुआ।”
अजहरुद्दीन का क्रिकेट करियर भी लंबा रहा है। उन्होंने करीब 10 वर्षों तक राजस्थान के लिए विभिन्न एज ग्रुप में 50 से अधिक मैच खेले हैं और पिछले 4 वर्षों से अंडर-16 और अंडर-14 टीम से जुड़े रहे हैं।
RCA एडहॉक कमेटी के कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर है।
उन्होंने कहा,
“बिना चयन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में भेजना क्रिकेट की पारदर्शी व्यवस्था के खिलाफ है। हेड कोच को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर वापस बुला लिया गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में यह पता लगाया जाएगा कि:
बिना चयन खिलाड़ियों को RCA की ड्रेस और किट कैसे मिली
टीम में एंट्री किसके निर्देश पर कराई गई
किन-किन अधिकारियों या स्टाफ की इसमें भूमिका रही
इस घटना ने राजस्थान की जूनियर क्रिकेट चयन प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर शुरुआती स्तर पर ही सिफारिश और दबाव के आधार पर खिलाड़ियों को मौके मिलने लगेंगे, तो इससे मेहनती और योग्य खिलाड़ियों का मनोबल टूटेगा।
राजस्थान अंडर-14 क्रिकेट टीम में बिना चयन दो खिलाड़ियों की एंट्री केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि पूरी चयन प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल है। RCA द्वारा शुरू की गई जांच से यह स्पष्ट होगा कि मामला केवल हेड कोच तक सीमित है या इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। आने वाले दिनों में इस प्रकरण पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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