मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद एक बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर नेतृत्व को लेकर मंथन अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा सांसद और दिवंगत उप मुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का उप मुख्यमंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
सूत्रों का कहना है कि 31 जनवरी को सुबह 11 बजे होने वाली एनसीपी विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। बैठक के बाद उनके नाम की औपचारिक घोषणा होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो शनिवार शाम को ही वे डिप्टी सीएम पद की शपथ ले सकती हैं।
आज होगी विधायक दल की बैठक, शाम तक तस्वीर साफ
पार्टी सूत्रों के मुताबिक,
एनसीपी विधायक दल की बैठक सुबह 11 बजे आयोजित होगी
दोपहर बाद नेतृत्व परिवर्तन पर औपचारिक घोषणा संभव
शनिवार शाम को शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी
इस पूरे घटनाक्रम को महाराष्ट्र की राजनीति में एक भावनात्मक और रणनीतिक परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।
सीएम फडणवीस का बयान: एनसीपी का फैसला मंजूर
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि उप मुख्यमंत्री को लेकर अंतिम फैसला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का होगा।
फडणवीस ने कहा,
“एनसीपी जो भी निर्णय लेगी, महायुति सरकार उसे पूरी तरह स्वीकार करेगी। इस संवेदनशील समय में सरकार दिवंगत अजित पवार के परिवार और पार्टी के साथ मजबूती से खड़ी है।”
छगन भुजबल ने क्या कहा
मंत्री छगन भुजबल ने शुक्रवार को जानकारी दी कि 31 जनवरी को एनसीपी विधायक दल की बैठक तय है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के कई नेता चाहते हैं कि सुनेत्रा पवार उप मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालें। भुजबल ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने संकेत दिया है कि अगर विधायक दल ऐसा निर्णय करता है तो शनिवार को ही शपथ ग्रहण से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
शोक अवधि पर संवेदनशील रुख
छगन भुजबल के अनुसार, पार्टी नेतृत्व शोक अवधि और परंपराओं को लेकर बेहद संवेदनशील है।
उन्होंने बताया कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे शोक अवधि, धार्मिक परंपराओं और कार्यक्रमों की समय-सारिणी पर नजर बनाए हुए हैं।
भुजबल ने कहा कि किसी के निधन के बाद शोक की अवधि परंपरा के अनुसार तीन दिन से लेकर दस दिन तक हो सकती है, और अंतिम निर्णय विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा।
अनिल देशमुख का बयान
एनसीपी-एसपी नेता और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि
“अगर सुनेत्रा पवार को उप मुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो यह खुशी की बात होगी। लेकिन इस संवेदनशील समय में परिवार की सहमति सबसे महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने यह भी कहा कि परिवार तीन-चार दिनों में बैठकर अंतिम निर्णय करेगा और सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
निष्कर्ष:
अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। यदि सुनेत्रा पवार को उप मुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो यह न केवल एनसीपी बल्कि पूरे राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक बदलाव होगा। अब सभी की नजरें 31 जनवरी की विधायक दल की बैठक और शनिवार शाम होने वाले संभावित शपथ ग्रहण पर टिकी हुई हैं।
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