नई दिल्ली। देश की निगाहें आज संसद भवन पर टिकी हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद पहुंच चुके हैं और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण थोड़ी देर में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश कर संसदीय इतिहास में नया रिकॉर्ड बनाने जा रही हैं।
सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि इस बजट में विकास की गति बनाए रखने, राजकोषीय अनुशासन को मजबूत करने, विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन पर विशेष फोकस रहेगा। इसके साथ ही आम जनता को टैक्स राहत, रेलवे और महंगाई से जुड़ी घोषणाओं की उम्मीद है।
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, उससे पेश किए जा रहे बजट से भी क्या उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ बजट केवल पांच प्रतिशत लोगों के लिए बनाए गए और सरकार को यह बताना चाहिए कि उसने अपने चुनावी वादे पूरे किए या नहीं।
वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बजट को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि सरकार पिछले 11 वर्षों से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। 2014 से अब तक पेश किए गए सभी बजट उसी दिशा में उठाए गए कदम हैं और यह बजट भी विकसित भारत की ओर एक और मजबूत कदम साबित होगा।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी बजट को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ‘सुधार एक्सप्रेस’ तेजी से आगे बढ़ रही है और देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है।
बजट से पहले वाम दलों की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। सीपीआई (एम) सांसद वी. शिवदासन ने कहा कि देश की जनता को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़े निवेश की आवश्यकता है और बजट में इन क्षेत्रों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीका राम जुली ने कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाकर पूरे देश में एक समान दर लागू की जानी चाहिए। उन्होंने रेलवे से जुड़ी मांगों को भी दोहराते हुए कहा कि कोच फैक्ट्री की घोषणा अब तक साकार नहीं हो पाई है और आम जनता को कर राहत मिलनी चाहिए।
रेलवे को लेकर वरिष्ठ नागरिकों में भी विशेष उम्मीदें हैं। तेलंगाना के एक बुजुर्ग नागरिक ने कहा कि इस बजट में रेलवे यात्रियों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी की जानी चाहिए।
उद्योग जगत भी बजट पर नजर बनाए हुए है। गुजरात के सूरत शहर के हीरा व्यापारियों ने मांग की है कि प्रयोगशाला में तैयार किए गए हीरों के कच्चे माल पर आयात शुल्क समाप्त किया जाए, जिससे इस उद्योग को बढ़ावा मिल सके।
भाजपा नेताओं ने बजट को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। तेलंगाना भाजपा प्रमुख रामचंद्र राव ने कहा कि यह बजट विकास से जुड़े तत्वों से भरपूर होगा और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करेगा। वहीं भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि मोदी सरकार पर भरोसा रखना चाहिए, जो भी होगा वह देश और जनता के हित में होगा।
निष्कर्ष:
केंद्रीय बजट 2026-27 केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं बल्कि सरकार और विपक्ष के बीच सोच और नीतियों की टक्कर का मंच बन चुका है। सरकार इसे विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है, जबकि विपक्ष आम जनता, रोजगार और महंगाई के मुद्दों पर जवाब मांग रहा है। अब सबकी निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि यह बजट जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।
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