नई दिल्ली। भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने साफ शब्दों में कहा है कि इस समझौते में भारत के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मित्रता का सम्मान किया, जिसका नतीजा भारत के लिए अब तक की सबसे बेहतरीन ट्रेड डील के रूप में सामने आया है।
पीयूष गोयल ने कहा—
“प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ अपने मजबूत और दोस्ताना रिश्तों का उपयोग करते हुए भारत के लिए ऐसी डील फाइनल करवाई है, जो हमारे पड़ोसी देशों और प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं से कहीं ज्यादा फायदेमंद है।”
उन्होंने कहा कि इस ट्रेड डील से इंजीनियरिंग सेक्टर, टेक्सटाइल, मरीन प्रोडक्ट्स, ज्वेलरी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नए अवसर मिलेंगे और भारत का निर्यात बड़े स्तर पर बढ़ेगा।
पीयूष गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए कहा—
“राहुल गांधी समेत विपक्ष के नेता इस डील का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनकी सोच नकारात्मक है। उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।”
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।
उन्होंने कहा—
“यह डील 140 करोड़ भारतीयों, किसानों, मछुआरों, युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर लेकर आई है। प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा इन सेक्टर्स के हितों की रक्षा की है।”
अमेरिका ने भारत पर लगाया गया कुल टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया है।
पहले अप्रैल में 25% रेसिप्रोकल टैरिफ और अगस्त में रूस से तेल खरीदने को लेकर 25% पेनल्टी लगाई गई थी। अब व्हाइट हाउस के मुताबिक, रूस से तेल को लेकर लगाई गई अतिरिक्त पेनल्टी हटा दी गई है।
सोमवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रेड डील की घोषणा की।
ट्रम्प के अनुसार—
भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर (करीब 46 लाख करोड़ रुपये) से ज्यादा का सामान खरीदेगा और ‘Buy American’ नीति को बढ़ावा देगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने X पर लिखा—
“भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रम्प का धन्यवाद। जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं साथ काम करती हैं, तो इससे दोनों देशों के लोगों को लाभ होता है। मैं इस पार्टनरशिप को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उत्सुक हूं।”
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पुष्टि की कि यह डील लगभग फाइनल है और जल्द ही तकनीकी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर होंगे।
उन्होंने कहा—
“अब भारत उन देशों में शामिल हो गया है, जिन पर अमेरिका का सबसे कम टैरिफ लागू होता है।”
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को सरकार ऐतिहासिक आर्थिक उपलब्धि बता रही है, जबकि विपक्ष सवाल उठा रहा है। लेकिन टैरिफ में बड़ी कटौती और निर्यात के नए अवसरों ने साफ कर दिया है कि यह समझौता भारत की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
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