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UGC रेगुलेशन के समर्थन में मार्च बना टकराव: पल्लवी पटेल को बाल पकड़कर पुलिस ने गाड़ी में डाला, लखनऊ में हंगामा

लखनऊ: में बुधवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में निकाले जा रहे पैदल मार्च के दौरान पुलिस और अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष पल्लवी पटेल के बीच तीखी झड़प हो गई। इस दौरान पुलिस ने पल्लवी पटेल को बाल पकड़कर जबरन गाड़ी में बैठाया, जिसका वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

पल्लवी पटेल सैकड़ों समर्थकों, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और आरक्षित वर्ग के लोग शामिल थे, के साथ IT चौराहे से विधानसभा तक मार्च निकाल रही थीं। प्रदर्शनकारियों के हाथों में नारे लिखे पोस्टर और तख्तियां थीं। उनका उद्देश्य UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 को तत्काल लागू करने की मांग करना था।

जैसे ही मार्च रिजर्व पुलिस लाइन के पास पहुंचा, पुलिस ने कंटीली बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसी दौरान पल्लवी पटेल ने आगे बढ़ने और बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और पल्लवी के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हो गई।

झड़प के बाद पल्लवी पटेल सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए काफी देर तक समझाने की कोशिश की, लेकिन वह पीछे हटने को तैयार नहीं हुईं। करीब 15 मिनट की मान-मनौव्वल के बाद पुलिस ने एक-एक कर सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया।

जब पुलिस उन्हें गाड़ी में बैठाने पहुंची तो पल्लवी पटेल सड़क पर लेट गईं और विरोध जताने लगीं। पुलिसकर्मियों को उन्हें गाड़ी तक ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। गाड़ी के दरवाजे पर वह अड़ गईं और अंदर जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद महिला पुलिसकर्मी ने उनके बाल पकड़कर उन्हें जबरन गाड़ी के अंदर बैठाया।

इस कार्रवाई को लेकर मौके पर मौजूद महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर जबरदस्ती और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह शांतिपूर्ण मार्च था, लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग कर आंदोलन को दबाने की कोशिश की।

पल्लवी पटेल का कहना है कि UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 को टालना आरक्षित और वंचित वर्गों के अधिकारों के साथ सीधा अन्याय है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई शिक्षा में समान अवसर और सामाजिक न्याय के लिए है, जिसे दबाया नहीं जा सकता।

गौरतलब है कि पल्लवी पटेल अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और वर्तमान में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में हैं। वह कौशाम्बी जिले की सिराथू विधानसभा सीट से विधायक हैं।


निष्कर्ष:

लखनऊ में पल्लवी पटेल के मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस छेड़ दी है। UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं, वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

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