राजधानी जयपुर: में 27 लाख रुपये के जेवरात की सनसनीखेज लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। प्रताप नगर थाना क्षेत्र में 14 फरवरी की रात हुई इस वारदात में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो शातिर अभी भी फरार हैं। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ज्वेलर की रेकी के लिए एक नाबालिग का इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 किलो 300 ग्राम चांदी और 8 ग्राम सोने के आभूषण बरामद कर जब्त किए हैं। मामले की गहन जांच जारी है।
घटना 14 फरवरी की रात करीब 8 बजे की है। ज्वेलर रामनिवास सोनी अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। जब वे प्रताप नगर इलाके में अजय पार्क सामुदायिक केंद्र के सामने पहुंचे, तभी बदमाशों ने उनकी कार को घेर लिया।
हमलावरों ने कार के शीशे तोड़ दिए और ज्वेलर के साथ मारपीट की। इसके बाद कार की डिग्गी में रखे गहनों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। बैग में करीब 27 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात थे।
वारदात के बाद इलाके में दहशत फैल गई और पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस थाना प्रताप नगर की ओर से थानाधिकारी पूरण मल यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने दुकान से लेकर घटना स्थल तक पूरे रूट को ट्रेस किया।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और तकनीकी शाखा की मदद ली गई। जांच के दौरान वाटिका रोड से एक नाबालिग को डिटेन किया गया, जिसने वारदात की अहम कड़ी उजागर की।
मुखबिर तंत्र की सहायता से पुलिस ने दो आरोपियों—
कौशल श्रीमाल (24)
समीर खान (20)
को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 किलो 300 ग्राम चांदी और 8 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए हैं। पूछताछ में सामने आया कि वारदात पूरी तरह प्री-प्लान थी।
मुख्य साजिशकर्ता हंसराज बैरवा उर्फ हंसू उर्फ टैम्पू और राज सीकरवार हैं, जो आदतन अपराधी बताए जा रहे हैं। दोनों पहले भी लूट के मामलों में चालानशुदा रह चुके हैं।
इन दोनों ने पहले ज्वेलर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक नाबालिग का इस्तेमाल किया। रेकी के बाद कौशल और समीर को साथ लेकर कार से ज्वेलर का पीछा किया गया और सुनसान जगह पर वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस के अनुसार, वारदात के मास्टरमाइंड हंसराज बैरवा और राज सीकरवार अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें दबिश दे रही हैं। संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस कार्रवाई में थाना प्रताप नगर और तकनीकी शाखा के कुल 10 पुलिसकर्मियों की टीम शामिल रही। टीम में एसएचओ पूरणमल यादव, एसआई होशियार सिंह, हेड कॉन्स्टेबल दशरथ, कॉन्स्टेबल गणेश और शंकर सहित अन्य जवानों ने अहम भूमिका निभाई।
जयपुर में हाल के दिनों में लूट और चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं। व्यापारियों में असुरक्षा की भावना पनप रही है। खासकर ज्वेलरी कारोबारियों को निशाना बनाए जाने से चिंता बढ़ गई है।
व्यापार मंडल ने पुलिस से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 392 और 397 के तहत लूट और हथियार के साथ लूट के मामलों में कठोर सजा का प्रावधान है। यदि आरोप साबित होते हैं तो आरोपियों को 10 साल से अधिक की सजा हो सकती है।
यह मामला बताता है कि अपराधी अब योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दे रहे हैं। रेकी के लिए नाबालिग का इस्तेमाल करना बेहद चिंताजनक है। इससे समाज में युवाओं के भटकाव का संकेत भी मिलता है।
जयपुर ज्वेलर लूट मामला पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते काफी हद तक सुलझ गया है। दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और जेवरात की बरामदगी भी हो चुकी है। हालांकि, दो मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हो पाएगा।
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