नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026' के समापन सत्र को संबोधित किया। राष्ट्रीय युवा दिवस और स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर पीएम ने देश की 'अमृत पीढ़ी' (जेन-जी) में नया जोश भरते हुए उन्हें निडर होकर नवाचार (Innovation) करने और रिस्क लेने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि आज की सरकार युवाओं के हर साहसिक कदम के साथ मजबूती से खड़ी है।
"रामायण और महाभारत को गेमिंग की दुनिया में लाएं" पीएम मोदी ने भारत की बढ़ती 'ऑरेंज इकोनॉमी' (संस्कृति, कंटेंट और क्रिएटिविटी) पर जोर देते हुए युवाओं को एक अनोखा सुझाव दिया। उन्होंने कहा, "आज भारत में क्रिएटर्स का नया वर्ग तैयार हुआ है। हमारे पास रामायण और महाभारत जैसी अनगिनत महान कहानियाँ हैं। क्या हमारे युवा इन पौराणिक कथाओं को गेमिंग की दुनिया तक ले जा सकते हैं? हमें अपनी संस्कृति को तकनीक के साथ जोड़कर ग्लोबल ब्रांड बनाना होगा।"
रिफॉर्म एक्सप्रेस और जेन-जी की रचनात्मकता प्रधानमंत्री ने पिछले 10 वर्षों के बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 से पहले 'पॉलिसी पैरालिसिस' (नीतिगत अपंगता) का दौर था, लेकिन आज सुधारों की गति एक 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' बन चुकी है।
जेन-जी की शक्ति: पीएम ने कहा कि आज का युवा केवल उपभोक्ता नहीं बल्कि निर्माता है। उनके आइडिया और प्रेजेंटेशन दिखाते हैं कि भारत का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।
2047 का लक्ष्य: उन्होंने युवाओं को याद दिलाया कि आजादी के 100 साल पूरे होने तक (2047) का सफर उनकी मेहनत पर निर्भर करेगा।
50 लाख युवाओं की भागीदारी और कड़ी चयन प्रक्रिया इस कार्यक्रम का यह दूसरा संस्करण था, जिसमें 9 से 12 जनवरी तक देशभर के 50 लाख से ज्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया।
चयन तीन कठिन चरणों— डिजिटल क्विज, निबंध प्रतियोगिता और राज्य स्तरीय विजन प्रेजेंटेशन के माध्यम से हुआ।
इस बार ‘डिजाइन फॉर भारत’ और ‘हैक फॉर ए सोशल कॉज’ जैसे सत्रों के माध्यम से सामाजिक समस्याओं के तकनीकी समाधान पर चर्चा की गई।
मनसुख मंडाविया की अपील: 'MY भारत' से जुड़ें केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी चयनित युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह मंच युवाओं को सीधे राष्ट्रीय नेतृत्व से जोड़ने का एक माध्यम है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ‘MY भारत’ (Mera Yuva Bharat) प्लेटफॉर्म के साथ निरंतर जुड़े रहें और अपने जिलों के युवा अधिकारियों के साथ मिलकर जमीनी बदलाव लाएं।
प्रधानमंत्री का संबोधन केवल एक भाषण नहीं, बल्कि 2047 के 'विकसित भारत' का रोडमैप है। युवाओं को पौराणिक कथाओं पर गेमिंग के लिए प्रोत्साहित करना यह दर्शाता है कि सरकार आधुनिक तकनीक और भारतीय संस्कृति के मेल को भविष्य की सबसे बड़ी ताकत मानती है। 'रिस्क लेने' की छूट देकर पीएम ने देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को एक नई मनोवैज्ञानिक सुरक्षा प्रदान की है।
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