जानकारी के अनुसार परिवहन कार्यालयों में कई सेवाओं के लिए आवेदन कर्मचारियों की लॉगिन आईडी से किए जाते थे। इससे आवेदकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे और कार्य प्रक्रिया में अनावश्यक निर्भरता बनी रहती थी। नई व्यवस्था के तहत आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी।
परिवहन विभाग ने कुल 58 सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया है। इनमें 26 सेवाएं सिटीजन पोर्टल और 32 सेवाएं सारथी पोर्टल के माध्यम से संचालित होंगी। सेवाओं में विभिन्न प्रकार के लाइसेंस, वाहन संबंधी अनुमतियां, प्रमाण-पत्र और अन्य परिवहन सेवाएं शामिल हैं।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिकों को कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। आवेदन, दस्तावेज अपलोड करने और आवेदन की स्थिति जानने जैसी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगी, जिससे समय और धन की बचत होगी। कार्यालयों में भीड़ कम होगी और डिजिटल प्रणाली से कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी। प्रत्येक आवेदन का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहने से जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
सबसे बड़ा उद्देश्य परिवहन कार्यालयों में बिचौलियों और अनधिकृत एजेंटों की भूमिका को समाप्त करना है। अब आवेदक सीधे पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे, जिससे भ्रष्टाचार और शिकायतों में कमी आएगी।
श्रीगंगानगर जिला परिवहन अधिकारी देवानंद ने बताया कि ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से नागरिकों को अधिक सुविधाजनक, सरल और पारदर्शी व्यवस्था मिलेगी। यह नई व्यवस्था 1 जून से लागू होगी और परिवहन सेवाओं में व्यापक बदलाव का आधार बनेगी।
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