लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड में 15 छात्र-छात्राओं की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना का असर अब राजस्थान की राजधानी जयपुर की कोचिंग इंडस्ट्री और छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गहराता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक विस्तृत पत्र लिखा है और राज्य में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर तत्काल सख्त कदम उठाने की मांग की है।
अशोक गहलोत ने कहा कि जयपुर में कई कोचिंग संस्थान आज भी संकरे, भीड़भाड़ वाले और तकनीकी रूप से असुरक्षित भवनों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो पर्याप्त आपातकालीन निकास मार्ग हैं और न ही फायर सेफ्टी उपकरण पूरी तरह मौजूद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो जयपुर में भी लखनऊ जैसी बड़ी और दुखद घटना घट सकती है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छात्रों की सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि जयपुर के सभी कोचिंग सेंटरों का तत्काल प्रभाव से अग्निशमन और भवन सुरक्षा ऑडिट कराया जाए तथा जो संस्थान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते पाए जाएं, उन्हें तुरंत बंद किया जाए।
अपने पत्र में गहलोत ने प्रताप नगर में पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान बनाए गए ‘कोचिंग हब’ प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उस सुरक्षित कैंपस को विकसित करने की प्रक्रिया को वर्तमान सरकार ने बीच में रोक दिया है। उन्होंने कहा कि उस कोचिंग हब को यदि पूरी तरह लागू किया जाए तो असुरक्षित क्षेत्रों में चल रहे कोचिंग संस्थानों को वहां शिफ्ट किया जा सकता है, जिससे हजारों छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
गहलोत ने यह भी आग्रह किया कि पूरे राज्य में कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों और अन्य शैक्षणिक भवनों की संयुक्त टीमों द्वारा फायर सेफ्टी, वेंटिलेशन और आपातकालीन निकास व्यवस्था की गहन जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसमें किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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