राजस्थान के फलौदी जिले के फतेहगढ़ क्षेत्र में एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। 30 जून को गेनाराम (35), उनकी पत्नी पुष्पा (32), बेटी खुशबू (13) और बेटे किशन (10) के शव उनके खेत स्थित घर में मिले। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि पहले पत्नी और दोनों बच्चों की हत्या की गई और उसके बाद गेनाराम ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। हालांकि मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मृतक गेनाराम की 65 वर्षीय मां सीता देवी ने बताया कि घटना से एक दिन पहले उनका बेटा अपनी पत्नी पुष्पा को लेकर कुलदेवी के मंदिर दर्शन कराने बीठू गांव आया था। उन्होंने बेटे से कहा था कि बहू को कुछ दिन उनके पास छोड़ दे ताकि उसकी देखभाल कर सकें, लेकिन गेनाराम ने बाद में वापस आने की बात कहकर गांव लौटने का निर्णय लिया। सीता देवी का कहना है कि उन्हें क्या पता था कि अगली सुबह बेटे, बहू और दोनों पोते-पोती की मौत की खबर मिलेगी। उन्होंने बताया कि गेनाराम को लगता था कि उसकी पत्नी की तबीयत किसी अदृश्य प्रभाव के कारण खराब रहती है और इसी वजह से वह उसे कुलदेवी के दर्शन कराने लाया था।
परिजनों के अनुसार सोमवार शाम दोनों पति-पत्नी ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और रात में अपने खेत स्थित घर लौट गए। मंगलवार सुबह जब गेनाराम का छोटा भाई शिवाराम खेत पर पहुंचा तो उसने घर के भीतर चारों के शव देखे और तुरंत ग्रामीणों तथा पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतक के पिता जोधाराम लकवाग्रस्त हैं और सबसे छोटा बेटा मानसिक रूप से दिव्यांग है, जिनकी देखभाल अब अकेले 65 वर्षीय सीता देवी के जिम्मे है। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाकर जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
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