झुंझुनूं जिले के इस्लामपुर गांव का नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा सोमवार को ग्रामीणों के साथ करीब 22 किलोमीटर की पदयात्रा कर जिला मुख्यालय पहुंचे। कलक्ट्रेट के बाहर चल रहे प्रदर्शन के दौरान तेज गर्मी और धूप के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला और पानी के छींटे मारकर राहत पहुंचाई, हालांकि उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान गुढ़ा ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से धरना स्थल पर टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके कारण प्रदर्शनकारियों को बिना छाया के तेज धूप में बैठना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब उनके साथी धूप में संघर्ष कर रहे हैं तो वे स्वयं छांव में नहीं बैठ सकते।
इस्लामपुर गांव के नाम परिवर्तन के विरोध में ग्रामीण पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। गांव के प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर पहुंचकर कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की और नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग रखी।
ग्रामीणों का कहना है कि इस्लामपुर गांव की स्थापना वर्ष 1622 ईस्वी में हुई थी और तब से इसका नाम यही रहा है। लगभग 16 हजार की आबादी वाले इस गांव में हिंदू-मुस्लिम समुदाय वर्षों से आपसी भाईचारे के साथ रह रहे हैं। सभी सरकारी दस्तावेज जैसे राजस्व रिकॉर्ड, आधार कार्ड, पिन कोड और अन्य पहचान पत्र इसी नाम से जुड़े हुए हैं।
आरोप है कि गांव का नाम बदलकर श्रीरामपुर करने की अनुशंसा राज्य सरकार को भेजी गई है, जिसके विरोध में पिछले पंद्रह दिनों से सर्व समाज आंदोलन कर रहा है। इस प्रस्ताव पर विधायक की सिफारिश के बाद राज्य सरकार स्तर पर रिपोर्ट और फीडबैक मांगा गया है।
Category:
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.