जयपुर: राजस्थान के लिए बहुप्रतीक्षित यमुना जल समझौते को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह समझौता प्रदेश के जल संकट के समाधान की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। दिल्ली स्थित जोधपुर हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि वर्षों से पानी की समस्या से जूझ रहे राजस्थान के लिए यह फैसला आने वाली पीढ़ियों तक लाभ पहुंचाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 29 जून 2026 राजस्थान के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने वाला दिन है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा कि उन्होंने राजस्थान की पेयजल समस्या को गंभीरता से समझा और उसके समाधान के लिए निर्णायक पहल की।
उन्होंने कहा, "राजस्थान को सबसे अधिक पानी की जरूरत है और यह समझौता प्रदेश के लाखों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा।"
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकारें वर्षों तक इस अहम मुद्दे का स्थायी समाधान नहीं निकाल सकीं। उनका आरोप था कि लंबे समय तक यह विषय केवल फाइलों में दबा रहा, जबकि वर्तमान सरकार ने केंद्र के सहयोग से इसे धरातल पर उतारने का काम किया।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति और केंद्र-राज्य के बेहतर समन्वय के कारण वर्षों से लंबित यह समझौता अब साकार हो सका है।
भजनलाल शर्मा ने इस महत्वपूर्ण समझौते को सफल बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से राजस्थान के हित में यह बड़ा फैसला संभव हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में राज्य लगातार आगे बढ़ रहा है और पिछले ढाई वर्षों में कई बड़ी विकास परियोजनाओं को गति मिली है।
उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार की नीतियों का लाभ सीधे जनता तक पहुंच रहा है, जबकि विपक्ष केवल विकास कार्यों में बाधा डालने और राजनीति करने में लगा है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान दौरे पर आएंगे, जहां वे बहुप्रतीक्षित रिफाइनरी परियोजना का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने इसे प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए एक और बड़ा कदम बताया।
यमुना जल समझौते को राजस्थान के जल भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे पेयजल संकट से जूझ रहे कई जिलों को राहत मिलेगी, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा और प्रदेश के सामाजिक व आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.