राजस्थान के कोटा-झालावाड़ मार्ग पर दरा में रेलवे अंडरपास निर्माण के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। दरा घाटी के पास अंडरपास निर्माण के दौरान अचानक मिट्टी धंसने से दो रेलवे इंजीनियरों की मौत हो गई। दोनों इंजीनियर पवन कुमार झा और प्रभात सिंह लार्सन एंड टर्बो कंपनी के कर्मचारी थे।
सूचना मिलने पर आपदा प्रबंधन दल के सदस्य मौके पर पहुंचे और मिट्टी हटाकर दोनों इंजीनियरों को बाहर निकाला। इस दौरान प्रभात सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। पवन कुमार झा को गंभीर स्थिति में कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
कनवास के एसडीएम बाबूलाल मीणा ने बताया कि हादसा उस समय हुआ जब मजदूरों के जाने के बाद दोनों इंजीनियर अंडरपास के निरीक्षण में लगे थे। अंडरपास का निर्माण दरा घाटी में जाम की समस्या को कम करने के लिए किया जा रहा था, जिसकी अनुमानित लागत लगभग दस करोड़ रुपये है।
हादसे ने स्थानीय प्रशासन और निर्माण एजेंसी की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा न केवल परियोजना के लिए बल्कि क्षेत्र के नागरिकों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञों और अधिकारियों ने कहा कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन जरूरी है ताकि इस तरह के हादसे दोबारा न हों।
इस घटना ने यह स्पष्ट किया है कि अंडरपास जैसे बड़े निर्माण कार्यों में लगातार निगरानी, जोखिम मूल्यांकन और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है और आगे की जिम्मेदारियों की समीक्षा की जा रही है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.