ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार मोगा का नाम नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में शामिल किया गया है। झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ क्षेत्र के मेहरादासी गांव निवासी सुरेंद्र कुमार मोगा अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे और भारतीय वायुसेना की 39 विंग उधमपुर में मेडिकल असिस्टेंट सार्जेंट के पद पर तैनात थे। 10 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर सेक्टर में पाकिस्तानी हवाई हमले में वे गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिसके बाद इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की।
करीब 14 वर्षों की सेवा में उन्होंने देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शहीद होने के बाद उन्हें मरणोपरांत ‘वायु सेना मेडल (गैलंट्री)’ से सम्मानित किया गया, जिसे 93वें वायु सेना दिवस पर उनकी पत्नी वीरांगना सीमा मोगा ने ग्रहण किया। इस अवसर पर वायुसेना प्रमुख ने उन्हें वीरता सम्मान प्रदान किया।
शहीद की पत्नी सीमा देवी ने भावुक होकर कहा कि यह उनके जीवन का सबसे कठिन लेकिन गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने बताया कि उनके पति हमेशा देश को सर्वोपरि मानते थे और उनका बलिदान पूरे देश के लिए प्रेरणा है। परिवार में उनके पिता CRPF से और अन्य परिजन सेना से जुड़े रहे हैं, जिससे बचपन से ही उनमें देशसेवा की भावना थी।
फिलहाल शहीद के नाम को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में शामिल किए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में गर्व और सम्मान की भावना है और उन्हें देश के वीर सपूत के रूप में श्रद्धांजलि दी जा रही है।
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