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सीकर रोड ड्रेनेज प्रोजेक्ट अधूरा, 28 करोड़ खर्च के बाद भी जलभराव की समस्या बरकरार

राजस्थान की राजधानी जयपुर में मानसून के दौरान सीकर रोड पर होने वाले जलभराव की समस्या अब भी बरकरार है। करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से पहले चरण में ड्रेनेज प्रोजेक्ट पूरा होने के बावजूद प्री-मानसून बारिश में सड़क पर तीन-तीन फीट तक पानी भर गया। विशेषज्ञों और जेडीए अधिकारियों के अनुसार इसका मुख्य कारण परियोजना का दूसरा चरण शुरू नहीं होना है। पहले चरण में वीकेआई रोड नंबर-1 चौराहे से अंबाबाड़ी तक दोनों ओर लगभग चार-चार किलोमीटर लंबी ड्रेनेज लाइन और बॉक्स ड्रेन का निर्माण किया गया, लेकिन आसपास के कैचमेंट क्षेत्रों से पानी लाने वाला नेटवर्क अभी अधूरा है। इससे पहले चरण का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

दूसरे चरण के तहत मुरलीपुरा, वीकेआई, विद्याधर नगर, अंबाबाड़ी, ओकेड़ा और आसपास के लगभग 13 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में करीब 12 किलोमीटर लंबा नया ड्रेनेज नेटवर्क विकसित किया जाना है। इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) मार्च 2025 में तैयार होकर जेडीए को सौंप दी गई थी। इस चरण पर लगभग 40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जेडीए ने इस परियोजना के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कार्यक्रम के तहत शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन योजना से वित्तीय सहायता मांगी है, लेकिन पिछले कई महीनों से प्रस्ताव स्वीकृति का इंतजार कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दूसरे चरण का निर्माण पूरा होने के बाद ही सीकर रोड और उससे जुड़े क्षेत्रों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।

वर्तमान में विद्याधर नगर, वीकेआई के अंदरूनी क्षेत्र, रोड नंबर-5, केडिया पैलेस रोड, रोड नंबर-14 और बैनाड़ रोड सहित कई इलाकों का वर्षा जल सीधे सीकर रोड पर पहुंच जाता है, क्योंकि इन क्षेत्रों में पर्याप्त ड्रेनेज व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। तकनीकी रिपोर्ट में भी पूरे कैचमेंट क्षेत्र के लिए दोनों चरणों का निर्माण आवश्यक बताया गया है। जेडीए अधिकारियों ने यह भी बताया कि निर्जला एकादशी के दौरान लगाए गए छबील स्थलों से प्लास्टिक और कागज़ के गिलास ड्रेनेज ग्रेटिंग में फंसने के कारण पानी की निकासी प्रभावित हुई थी, जिसके बाद सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया गया। इसके बावजूद दूसरे चरण के निर्माण तक मानसून में जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं बनी रहने की आशंका जताई जा रही है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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