नई दिल्ली। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NCM) में पिछले पांच वर्षों के दौरान सबसे अधिक शिकायतें मुस्लिम समुदाय की ओर से दर्ज कराई गई हैं। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा राज्यसभा के मानसून सत्र में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच आयोग को कुल 9,557 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 6,145 शिकायतें मुस्लिम समुदाय से संबंधित थीं।
आंकड़ों के अनुसार, मुस्लिम समुदाय के बाद सिख समुदाय की 1,222 और ईसाई समुदाय की 644 शिकायतें आयोग के पास पहुंचीं। इन शिकायतों में सबसे अधिक मामले कानून-व्यवस्था, भूमि विवाद, शैक्षणिक अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़े रहे।
रिपोर्ट के अनुसार, आयोग को प्राप्त कुल शिकायतों में 2,059 मामले कानून-व्यवस्था से जुड़े थे, जबकि 1,031 शिकायतें भूमि विवाद से संबंधित थीं। इसके अलावा शिक्षा, धार्मिक अधिकार, आर्थिक समस्याओं और अन्य नागरिक मुद्दों को लेकर भी बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज कराई गईं।
वहीं, सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े 31 और हेट क्राइम एवं नफरत फैलाने वाले बयानों से संबंधित 97 मामले आयोग तक पहुंचे।
राज्यवार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा, जहां से 3,484 शिकायतें दर्ज हुईं। इसके बाद दिल्ली (1,140), महाराष्ट्र (690), पंजाब (512), तेलंगाना (392), मध्य प्रदेश (381), हरियाणा (324) और बिहार (301) का स्थान रहा।
सरकार के अनुसार, वर्ष 2021-22 में 2,076, 2022-23 में 2,423, 2023-24 में 1,999, 2024-25 में 1,390 और 2025-26 में 1,699 शिकायतें आयोग को प्राप्त हुईं। मंत्रालय ने बताया कि आयोग ने सभी मामलों का यथाशीघ्र निस्तारण करने का प्रयास किया।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NCM) का गठन राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के तहत किया गया था। आयोग का उद्देश्य संविधान और विभिन्न कानूनों के तहत अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा करना और उनकी शिकायतों के समाधान के लिए उचित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
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