इस अवसर पर मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में "विकास भी, विरासत भी" की संकल्पना को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारधाम पुनर्विकास और महाकाल लोक जैसे ऐतिहासिक विकास कार्यों ने देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान दी है तथा सनातन संस्कृति को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार भी धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और विरासत स्थलों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई हैं। पुष्कर, खाटूश्यामजी, नाथद्वारा और चित्तौड़गढ़ जैसे धार्मिक शहरों में हेरिटेज वॉक-वे का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं पुष्कर, खाटूश्यामजी, देशनोक और डिग्गी के मुख्य प्रवेश मार्गों को मॉडल स्वरूप विकसित किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत हजारों वरिष्ठ नागरिकों को हवाई यात्रा और वातानुकूलित ट्रेनों के माध्यम से देश के प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराने की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
श्रावण सोमवार के अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
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